प्रदेश के 40 हजार मतदान बूथों को मजबूत कर भाजपा लोकसभा चुनाव 2024 में प्रदेश की 80 में से 75 सीटों पर कमल खिलाने का लक्ष्य पूरा करने में जुटेगी। जुलाई और अगस्त में सभी 80 लोकसभा क्षेत्रों में बूथ सशक्तिकरण कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके लिए हर लोकसभा क्षेत्र में 80 लोगों की विशेष टीम गठित की गई है।
लोकसभा चुनाव 2019 में भाजपा गठबंधन ने 80 में से 64 सीटों पर जीत दर्ज की थी। वर्ष 2019 के चुनाव परिणाम का बूथवार आकलन करने पर सामने आया कि 1.63 लाख बूथों में से भाजपा को 1.23 लाख बूथों पर जीत मिली थी। कोरोना प्रोटोकॉल के तहत प्रदेश में बूथों की संख्या अब 1.73 लाख से ज्यादा हो गई है। पार्टी की समीक्षा में सामने आया है कि इनमें से करीब 20-21 हजार बूथ मुस्लिम मतदाता बहुल क्षेत्रों में हैं। इन बूथों को छोड़कर शेष करीब 40 हजारों बूथों पर अभी से विशेष मेहनत शुरू की जाए तो वर्ष 2024 में वहां से सकारात्मक नतीजे मिल सकते हैं।
पार्टी ने लोकसभा चुनाव 2024 के मद्देनजर बीते दिनों सभी लोकसभा व राज्यसभा सदस्यों की बैठक आयोजित की थी। इसमें सांसदों को उनके लोकसभा क्षेत्र में हर विधानसभा क्षेत्र में 25-25 कमजोर बूथ सहित कुल 100 से 125 बूथों को मजबूत करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल का कहना है कि प्रत्येक बूथ पर वर्ष 2019 में मिली हार की समीक्षा की जाएगी। लोकसभा क्षेत्र प्रभारी व संयोजक और विधानसभा संयोजक भी बूथ सशक्तिकरण कार्यक्रम में सक्रिय रहेंगे। जिलों से मिली रिपोर्ट के आधार पर बूथ को मजबूत करने की रणनीति तैयार की जाएगी।
जहां आवश्यकता होगी, वहां बूथ समिति के सदस्यों में बदलाव किया जाएगा। बूथ पर केंद्र व प्रदेश सरकार की योजनाओं के लाभार्थियों से लगातार संपर्क व समन्वय के कार्यक्रम चलाए जाएंगे। बूथ स्तर पर कार्यकर्ता, लाभार्थी सम्मेलन के साथ पार्टी के अग्रिम मोर्चों के कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।