राज्यसभा में यूपी के कोटे की 31 में से 22 सीटों पर अब भाजपा का कब्जा होगा। यूपी के राजनीतिक इतिहास में यह पहली बार होगा जब यूपी से कांग्रेस का सिर्फ एक और भाजपा के 22 सदस्य होंगे।
दस सीटों के हो रहे राज्यसभा चुनाव में भाजपा के 8, सपा-बसपा के एक-एक प्रत्याशी का निर्विरोध निर्वाचन तय है। 2 नवंबर को नाम वापसी के अंतिम दिन इसकी औपचारिक घोषणा हो जाएगी। यूपी से भाजपा के 22 सदस्यों का आंकड़ा केंद्र सरकार को राज्यसभा में सियासी ताकत तो देगा ही, साथ ही यूपी में बड़ी सियासी ताकत के प्रतीक सपा-बसपा की राष्ट्रीय राजनीति में भूमिका भी सीमित करेगा। कारण, इसके बाद राज्यसभा में सपा के सदस्यों की संख्या घटकर सिर्फ 5 रहेगी जबकि बसपा के भी सिर्फ तीन सदस्य बचेंगे। कांग्रेस के सदस्यों की संख्या यूपी से कपिल सिब्बल के रूप में सिर्फ एक रह जाएगी।
ये होगी दलीय स्थिति
भाजपा
हरदीप पुरी, शिव प्रताप शुक्ला, संजय सेठ, सुरेंद्र सिंह नागर, जय प्रकाश निषाद, सैय्यद जफर इस्लाम, अनिल अग्रवाल, डॉ. अशोक बाजपेयी, डॉ. अनिल जैन, कांता कर्दम, सकलदीप राजभर, जीवीएल नरसिम्हाराव, हरनाथ सिंह यादव, विजयपाल सिंह तोमर, अरुण सिंह, सुधांशु त्रिवेदी, नीरज शेखर, ब्रजलाल, सीमा द्विवेदी, गीता शाक्य, बीएल वर्मा और हरद्वार दुबे।
सपा
रामगोपाल यादव, जया बच्चन, सुखराम सिंह यादव, विशंभर प्रसाद निषाद और कुंवर रेवतीरमण सिंह।
बसपा
सतीश चंद्र मिश्रा, अशोक सिद्धार्थ और रामजी गौतम।
कांग्रेस
कपिल सिब्बल।