भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह
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पंचायत चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा ने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन 25 दिसंबर से गांवों में किसानों के सहारे पंचायत चुनाव पर भी मोर्चा सजाने की तैयारी की है। इसके लिए किसानों और गांव से जुड़े भाजपा सरकारों के कामों के प्रचार-प्रसार की योजना बनाई गई है। इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अटल के जन्मदिन पर प्रदेश में 2500 से अधिक स्थानों पर जुटे किसानों से संवाद के साथ करेंगे।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह की अध्यक्षता में हुई पदाधिकारियों की बैठक में पूरी कार्ययोजना का खाका खींचा गया। तय किया गया कि अटल का जन्मदिन बूथ स्तर पर मनाया जाएगा। प्रधानमंत्री के संवाद कार्यक्त्रस्म के अगले दिन 26 व 27 दिसंबर को प्रदेश में सभी बूथों पर प्रदेश, क्षेत्र, जिला, मंडल और सेक्टर के पार्टी पदाधिकारियों के अलावा सांसद, विधायक व जिला पंचायत सदस्य अपने-अपने बूथों पर सेवा कार्य करते हुए अटल का जन्मदिन मनाएंगे। साथ ही केंद्रीय कृषि मंत्री के पत्र के साथ किसानों और गांवों के लिए भाजपा सरकार के कामों का पत्रक घर-घर देकर उन्हें विपक्ष की साजिश से सावधान करेंगे। उन्हें यह भी बताएंगे कि गांवों, ग्रामीणों, गरीबों तथा किसानों के लिए भाजपा सरकारों से ज्यादा किसी ने कुछ नहीं किया।
किसान कानून का सच समझाएंगे
स्वतंत्रदेव ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता हर बूथ पर अभियान चलाकर किसानों को बताएंगे कि कृषि कानूनों को लेकर विपक्ष के आरोपों में कोई दम नहीं है। नए कृषि सुधार कानूनों से किसानों के अनेक बंधन समाप्त होंगे। इस कानून से उन्हें नए अधिकार और अवसर भी मिलेंगे।
गांवों के समीकरणों पर निशानाभ
भाजपा की पूरी योजना देखने से साफ है कि उसने निकट भविष्य में होने वाले पंचायत चुनाव के मद्देनजर किसानों पर अभियान के सहारे गांवों के समीकरणों पर भी काम करने की तैयारी की है। वजह साफ है। पंचायत चुनाव में किसानों से जुड़े मुद्दे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। किसानों की नाराजगी का असर पंचायत चुनाव में भाजपा के प्रदर्शन पर भी पड़ सकता है। इसीलिए किसानों को संतुष्ट करने के साथ उनके लिए केंद्र और प्रदेश सरकार के कामों की जानकारी देने की योजना बनाई गई है। बैठक में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक, दयाशंकर सिंह, प्रकाश पाल, महामंत्री गोविंद शुक्ल, प्रदेश मंत्री संजय राय, सुभाष यदुवंश, शंकर लाल लोधी, पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के अध्यक्ष बाबूराम निषाद सहित कई लोग शामिल थे।