मिशन 2019 की सफलता के लिए जुटी भाजपा पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह अगले महीने से यूपी के भावी समर के लिए मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। रैलियों और सम्मेलनों से वे भाजपा की जमीन दुरुस्त करेंगे।
यह संकेत बुधवार को यहां शाह की तरफ से यूपी का का फीडबैक लेने आए राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन सौदान सिंह के साथ भाजपा पदाधिकारियों की बैठक से मिला है। जानकारी के मुताबिक, फीडबैक के तथ्य सौदान सिंह को उत्साहित तो नहीं कर सके, लेकिन संतोषजनक जरूर रहे।
सौदान ने शाह के पिछले वर्ष जुलाई में लखनऊ के तीन दिनी दौरे के दौरान सौंपे गए काम को पूरा करने के लिए एक महीने की मोहलत दी। कहा कि मोर्चा व प्रकोष्ठों के गठन से लेकर बूथों की मजबूती और सरकार की योजनाओं तथा सामाजिक सरोकारों के मद्देनजर जो भी काम सौंपे गए थे, वे एक महीने के भीतर पूरे कर लिए जाएं।
1 से 15 जून तक फिर चौपाल
बैठक में लोगों से संपर्क और संवाद दुरुस्त रखने तथा गांवों में पार्टी की पहुंच व पकड़ बनाए रखने के लिए 1 से 15 जून तक ग्राम चौपाल के दूसरे चरण का खाका खींचा गया। इस चरण में 3500 प्रमुख कार्यकर्ताओं को गांव-गांव भेजने की तैयारी है। ये कार्यकर्ता पार्टी के सांगठनिक लिहाज से गठित 13206 सेक्टरों में वहां के किसी गांव में चौपाल लगाकर लोगों का दुख-दर्द सुनेंगे।
साथ ही लोगों को मोदी और योगी सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने और उनका फीडबैक लेंगे। जहां किसी योजना का लाभ लोगों को नहीं मिला होगा, वहां दिलवाएंगे। अलग-अलग सरकारी विभागों के अधिकारी व कर्मचारी चौपालों में मौजूद रहेंगे। चौपाल शाम से 6 से रात 10 बजे तक लगेंगी।
दो दर्जन स्थानों पर सभाएं व सम्मेलन
मिशन 2019 की तैयारियों के मद्देनजर अयोध्या, मथुरा, काशी सहित लगभग दो दर्जन स्थानों पर शाह की सभाएं करने के साथ उत्तर प्रदेश के सभी छह क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के सम्मेलन प्रस्तावित हैं। इसके अलावा चार-चार लोकसभा क्षेत्रों को मिलाकर सभी जगह बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं से संवाद की भी योजना है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का बागपत से मिशन यूपी शुरू हो गया है। जल्द ही उनके आजमगढ़ और संतकबीरनगर जाने की भी चर्चाएं हैं। इसके मद्देनजर बैठक में पदाधिकारियों से तैयारी रखने को कहा गया। बैठक में कुछ स्थानों पर बूथ कमेटियों के कमजोर होने की बात भी सामने आई तो कुछ पदाधिकारियों ने सांसदों तथा विधायकों के जिलों में समानांतर संगठन जैसे हालात बनाने की शिकायतें भी उजागर हुईं।
शाह ने सौंपा था 50 सूत्री एजेंडा
गौरतलब है कि जुलाई के दौरे में शाह ने मिशन 2019 यूपी के मद्देनजर यादव-जाटव जोड़ो सहित 50 बिंदुओं पर भाजपाइयों को काम सौंपा था। जानकारी के मुताबिक, बैठक में सामने आए फीडबैक के अनुसार इनमें बमुश्किल 30-32 बिंदुओं पर ही संतोषजनक काम पाया गया। खास तौर से मिशन यादव-जाटव जोड़ो अभियान के काम का फीडबैक बहुत अच्छा नहीं मिला।
बूथ कमेटियों सहित अन्य कुछ बिंदुओं पर भी अपेक्षित प्रगति नहीं मिली। पिछले दिनों एक रात गांव प्रवास कार्यक्रम को लेकर भी कुछ सांसदों, विधायकों, मंत्रियों के साथ अन्य प्रमुख लोगों की अरुचि का मामला भी सामने आया। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय, राष्ट्रीय सह महामंत्री संगठन शिवप्रकाश, प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल सहित सभी प्रदेश और क्षेत्रीय पदाधिकारी मौजूद रहे।