पंचायत चुनाव के लिए भाजपा हर ग्राम पंचायत में चौपाल लगाकर मोदी-योगी सरकार की उपलब्धियां और ग्रामीण क्षेत्रों में हुए विकास को बताएगी। पार्टी ने जिला पंचायतों के सभी 3051 वार्डों में समर्थित उम्मीदवार उतारकर सभी 75 जिला पंचायतों में अध्यक्ष पद पर काबिज होने की रणनीति बनाई है। 28 जनवरी से 3 फरवरी तक पार्टी के संगठनात्मक 1600 मंडलों में बैठक आयोजित की जाएगी।
पंचायत चुनाव के लिए रविवार शाम आयोजित वर्चुअल बैठक में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि पार्टी जिला पंचायतों के सभी वार्डों में समर्थित उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारेगी। उससे पहले चौपाल, घर-घर जनसंपर्क और सामाजिक कार्यक्रमों के जरिए पार्टी मोदी सरकार के साढ़े छह वर्ष और योगी सरकार के चार वर्षों में गांवों और ग्रामीणों के जीवन में आए बदलाव को बताएगी। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ने ग्रामीण महिलाओं, बुजुर्गों, किसानों, युवाओं, श्रमिकों और बालिकाओं के लिए अनेक योजनाएं लागू की है।
इन सभी योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क कर उन्हें पार्टी समर्थित उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करने के लिए तैयार किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट तौर पर कहा कि विधानसभा और लोकसभा चुनाव की तरह पंचायत चुनाव पार्टी पूरी गंभीरता से लड़ेगी। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि फरवरी तक आरक्षण भी तय हो जाएगा। उससे पहले पार्टी को अपनी तैयारी पूरी करनी है। आरक्षण तय होने के बाद संबंधित वार्ड में आरक्षण के अनुसार पार्टी समर्थित उम्मीदवार के चयन की कवायद शुरू की जाएगी।
बैठक में प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं चुनाव प्रभारी विजय बहादुर पाठक, सह महामंत्री संगठन भवानी सिंह, कर्मवीर, प्रदेश सरकार के मंत्री ब्रजेश पाठक, महेंद्र सिंह, बाबूराम निषाद, संजय राय सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।