उन्होंने कहा कि बबीना बुंदेलखंड में टैंक निर्माण का कारखाना बन सकता है। राफेल बनाया जा सकता है। कानपुर, अलीगढ़ में भी सहूलियतें मिलें तो रक्षा सामग्री का उत्पादन बढ़ सकता है। सपा सरकार इस दिशा में काम करेगी।
एक्सप्रेस वे के किनारे तो मंडियों की व्यवस्था होनी थी। भाजपा ने वह काम भी नहीं किया। इस मौके पर पूर्व पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल, सांसद तेज प्रताप यादव व मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी समेत तमाम लोग मौजूद थे।
अखिलेश ने कहा कि मैनपुरी से चल कर सोमवार को लखनऊ पहुंची पदयात्रा ने कुल 297 किमी का सफर तय किया है। यह यात्रा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150वीं जयंती वर्ष के मौके पर 30 जनवरी 2020 को मैनपुरी से शुरू हुई थी।
यात्रा में 193 नौजवान और उनके तमाम साथी शामिल हुए। यह पदयात्री गांव-गांव किसानों और कारोबारियों से संपर्क करते हुए आए हैं। इस साहस के लिए वह बधाई के पात्र हैं।
इस यात्रा से समाजवादी आंदोलन को आगे बढ़ाने और 2022 में सपा सरकार बनाने के लिए जनसमर्थन हासिल होगा। यात्रा के संयोजक पूर्व जिलाध्यक्ष लोहिया वाहिनी रावल सिंह यादव ने बच्चों की ओर से गुल्लकों में एकत्र की गई राशि अखिलेश यादव को भेंट की।