मोदी सरकार के पहले साल का कार्यकाल आम आदमी अधिकारों में कटौती के लिए जाना जाएगा। केंद्र सरकार उनके लिए बनाए गए कानूनों को लगातार कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
हाल यह है कि पेट्रोल-डीजल के मुकाबले हवाई जहाज का ईंधन सस्ता है। ये कहना है ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव मोहन प्रकाश का। उन्होंने राम मंदिर को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा और कहा कि ये लोग राममंदिर बनवा नहीं पा रहे हैं, मगर नाथू राम गोडसे का मंदिर बनवाने के प्रयास कर रहे हैं।
मोहन प्रकाश ने बुधवार को राजधानी स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर संवाददाताओं से कहा कि सुशासन और पारदर्शिता के लिहाज से मोदी सरकार का अब तक कार्यकाल बेहद खराब रहा है।
मनरेगा को लेकर संसद के भीतर जिस तरह से प्रधानमंत्री बयान दे रहे हैं, वह मजदूरों, महिलाओं और दलितों के खिलाफ है। केंद्रीय मुख्य सूचना आयुक्त समेत सूचना आयुक्तों की नियुक्ति न होने से 14 हजार से ज्यादा मामले पेंडिंग हैं।
अगर यही हाल रहा तो वर्ष 2020 तक इस कानून का कोई मतलब नहीं रह जाएगा। चूंकि, पीएमओ भी इस एक्ट के दायरे में है, इसलिए इसे कमजोर किया जा रहा है। इसी तरह भूमि अधिग्रहण व खाद्य सुरक्षा कानून को भी कमजोर किया जा रहा है।
अच्छे संस्थानों से भाग रहे हैं विशेषज्ञ
मोहन प्रकाश ने कहा कि पब्लिक सेक्टर के पांच बड़े बैंकों में एमडी और चेयरमैन की नियुक्तियां नहीं की जा रही हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस माने जाने वाले संस्थानों से विशेषज्ञ भाग रहे हैं, क्योंकि मानव संसाधन मंत्री अनाप-शनाप फैसले ले रही हैं। इतना ही नहीं केंद्रीय सतर्कता आयुक्त तक का पद खाली है।
कहा, जयललिता, अमित शाह, सलमान खान को जहां राहत मिल गई, वहीं गुजरात के नरोदा पाटिया में गोधरा कांड के अगले दिन हुए हमले के आरोपियों को सजा सुनाने वाली जज को धमकियां दी जा रही हैं।
कम से कम वाजपेयी के कार्यकाल को तो बख्श देते
अपनी चीन यात्रा के दौरान नरेंद्र मोदी ने कहा था कि एक साल पहले तक लोगों को खुद को भारतीय कहने में शर्म आती थी, लेकिन अब बदलाव आ रहा है। उन्होंने कहा कि कम से कम प्रधानमंत्री को छह साल के बाजपेयी सरकार के कार्यकाल को तो बख्श देना चाहिए।
रॉबर्ट वाड्रा के कथित तौर पर जमीन कब्जाने से संबंधित सवाल पर कहा कि जांच के लिए आयोग का गठन किया गया है। उसकी रिपोर्ट आने तक इंतजार कीजिए।
वाराणसी में शवयात्रा पर लगा रहे पाबंदी
मोहन प्रकाश ने कहा कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में ट्रैफिक समस्या की बात कहते हुए शवयात्राओं पर पाबंदी लगवाई जा रही है। कहा जा रहा है कि शवों को घाट तक ले जाने के लिए जल शव वाहिनी का इस्तेमाल किया जाए।