यूपी की नौ सीटों में से संभवत: पांच पर केन्द्रीय मंत्रिमंडल और राष्ट्रीय पदाधिकारियों में से प्रत्याशी चुने जाएंगे। बाकी चार उम्मीदवारों के लिए सपा से भाजपा में आए अशोक वाजपेयी, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए विधान परिषद में सीट खाली कर भाजपा में आए पूर्व एमएलसी यशवंत सिंह के नाम चर्चा में हैं।
दलित चेहरे के रूप में प्रदेश महामंत्री विद्यासागर सोनकर और विजय सोनकर शास्त्री में से किसी एक को राज्यसभा जाने का मौका मिल सकता है। इनके अतिरिक्त राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अरुण सिंह और राज्यसभा सदस्य विनय कटियार का नाम भी चर्चा में हैं। पिछड़ा व हिन्दूवादी चेहरा होने के कारण कटियार को फिर मौका दिया जा सकता है।
भाजपा के प्रदेश महामंत्री विजय बहादुर पाठक का कहना है कि पार्टी सभी संभावनाओं पर विचार कर रही है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि पार्टी नौवां उम्मीदवार उतारकर बसपा और सपा के हाथ से बाजी छीनने का प्रयास करेगी।