फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा राज में खाता न बही, जो मोदी कहें, वहीं सही : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव

Sun, 07 Jun 2020 12:38 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र व राज्य सरकार पर जमकर निशाना साधा। कहा कि भाजपा राज में खाता न बही, जो पीएम कहें वही सही की तर्ज पर राजकाज चल रहा है। केंद्रीय बजट रहे हों या राहत पैकेजों की घोषणा, उनके ब्यौरे गायब रहते हैं। केंद्र सरकार द्वारा घोषित 20 लाख करोड़ के ‘महा पैकेज‘ में कितना गरीब को मिलेगा, कितना किसान, दिहाड़ी कर्मियों, प्रवासी मजदूर, छोटे व खुदरा व्यापारी और ठेले-पटरी वाले में बंटना है, इसका कोई खुलासा नहीं कर रहा है। इसे भी जुमलेबाजी वाली योजनाओं की गिनती में क्यों न रखा जाए?

विज्ञापन


अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी प्रधानमंत्री के पद चिह्नों पर चलते हुए नित नए आयोगों के गठन में व्यस्त हैं। पूरे प्रदेश में काम की आस में मजदूरों की आंखें पथरा रही हैं, लेकिन सरकार को उनकी फिक्र नहीं है। अब मुख्यमंत्री बताएं कि मेहनतकश का पेट रोटी से भरेगा या आयोग की बैठकों व बयानों से। श्रमिकों के सामने गहरा अंधेरा है। वे कहां जाएं?

मुख्यमंत्री केवल बयानों में रोजगार बांट रहे हैं। हवा में विदेशी कंपनियों के प्रदेश में आने की तुकबंदी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की गलत नीतियों से रोटी-रोजगार से वंचित लोग भुखमरी के शिकार होकर अपनी जान गंवा रहे हैं। किसानों समेत समाज के तमाम वर्गों के लोग अवसाद में हैं। कर्ज के बोझ से लदे लोगों को भविष्य में भी अंधेरा दिखाई दे रहा है।

विज्ञापन
Trending Videos
विज्ञापन

थम नहीं रहा संक्रमण, अस्पतालों में लूट या लापरवाही

सपा अध्यक्ष ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा हैं। संक्रमितों की संख्या 10 हजार से ऊपर पहुंच गई हैं। लखनऊ में ही रोज नए केस मिल रहे हैं। सरकार लॉकडाउन उठा रही है।

अस्पतालों में इलाज के नाम पर या तो लूट हो रही है या लापरवाही। बच्चों के स्कूल-कॉलेज बंद हैं। लॉकडाउन में आपूर्ति की पूरी चेन बिगड़ जाने से व्यापारी परेशान है। मुख्यमंत्री बताए कि कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए केंद्र के 20 लाख करोड़ के महापैकेज से मिले धन को कहां खर्च किया जा रहा है?
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें