सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चौरीचौरा में जनक्रांति के 100 वर्ष पूरे होने पर शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि दी है। उन्होंने कहा कि भाजपा को चौरीचौरा कांड से सबक लेकर आंदोलनकारी किसानों से बात करनी चाहिए। तीनों कृषि बिलों की वापसी समेत उनकी सभी मांगों को मानना चाहिए।
अखिलेश ने बृहस्पतिवार को कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का स्तुतिगान करने भर से उनका सम्मान नहीं होता है। बल्कि, पूरी श्रद्धा से उनके विचारों को आत्मसात करना होता है। भाजपा का स्वतंत्रता आंदोलन से कोई संबंध नहीं रहा है। वे जंगे आजादी की दिखावटी चर्चा करते हैं। वस्तुत: स्वतंत्रता आंदोलन की चर्चा करना ही पर्याप्त नहीं है, उसके मूल्यों को अपनाकर उन पर चलने का संकल्प भी लेना चाहिए। प्रतिबद्धताएं व उसकी प्राथमिकताएं तय करना और उन पर पूरी निष्ठा से मन, वचन, कर्म से समर्पण करना होता है। भाजपा सरकार ने लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं को कमजोर करके स्वतंत्रता सेनानियों के सपनों को नकारा है।
उन्होंने कहा कि गोरखपुर के चौरीचौरा में सत्याग्रहियों के जलूस पर पुलिस ने गोलियां चलाई थीं, जिसमें मौके पर कई लोग शहीद हो गए थे। समाजवादी सरकार के समय शहीदों के सम्मान में चौरीचौरा होते हुए गोरखपुर-देवरिया फोरलेन सड़क बनाकर शहीदों की स्मृति को स्थायित्व दिया गया था।
सपा अध्यक्ष ने कहा, चौरीचौरा कांड से भाजपा को सबक लेना चाहिए। देश का किसान आंदोलित है। वह ठंड में कई साथियों को खोने के बाद भी खेती बचाने के लिए जुटा हुआ है। जो बात किसान कह रहे हैं, भाजपा सरकार उन्हें सुनना नहीं चाहती है। तीन कृषि कानूनों की वापसी की वाजिब मांग को लेकर आंदोलित किसानों के प्रति सरकारी रवैये से ज्यादा उम्मीद नहीं है। सरकार को संविधान का सम्मान करना चाहिए। लोकतंत्र में किसानों के साथ न्याय सर्वोपरि स्थान रखता है। किसानो के प्रति क्रूरता और जनाक्रोश से भाजपा में भी असंतोष पनप रहा है।