सपा अध्यक्ष ने कहा, सत्ता प्रतिष्ठा में बैठकर झूठ की इबारत लिखने में कुछ लोगों को महारत हासिल है। इनको एक काम सौंपा गया, समाजवादी सरकार के विकास पर अपना ठप्पा लगाकर वाहवाही के बयान छपवाना।
हिंसा पीड़ितों के परिजनों के साथ पुलिस उत्पीड़न और निर्दोषों को जेल में यातना देने की सच्चाई सामने लाने पर भाजपा नेता बौखलाहट के शिकार हैं। उन्हें इसमें तुष्टिकरण दिखाई देता है, जबकि वही इस खेल के पुराने माहिर हैं।
गरीबों, किसानों के उत्पीड़न की आवाज उठाते रहेंगे
उन्होंने कहा कि सपा गरीबों, किसानों के साथ हो रहे अन्याय, नौजवानों की बेरोजगारी और नागरिकों के उत्पीड़न की कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठाती रही है। जनता को राहत तभी मिलेगी जब भाजपा का विभेदकारी खेल बंद होगा। इसके लिए ही एनपीआर फार्म नहीं भरने का सत्याग्रह शुरू करने का निर्णय लिया है।