अलग-अलग वर्गों और जातियों से जुड़े लोगों के बीच पार्टी के बड़े चेहरों को भेजकर उन्हें पार्टी से जोड़ा जा रहा है। साथ ही उन्हीं के बीच से कुछ युवकों को तलाशकर उन्हें अपने समाज के बीच भाजपा की पकड़ व पहुंच बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके पीछे मंशा जहां आधार मजबूत करना है, वहीं भविष्य के लिए स्थानीय स्तर पर सभी वर्गों के बीच अपने प्रभावी पैरोकार खड़े करना भी है।
उदाहरण के लिए प्रदेश महामंत्री सुनील बंसल ने शनिवार को वाराणसी में निषाद समुदाय के बीच सदस्यता अभियान चलाया तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार को लखनऊ में रिक्शा वालों को पार्टी की सदस्यता दिलाएंगे। इसी तरह किसी भाजपा नेता ने प्रदेश में कहीं नाई समाज के बीच भाजपा के सदस्य बनाने का अभियान चलाया तो कहीं वकीलों के बीच सदस्यता अभियान चला।
प्रदेश महामंत्री व सह सदस्यता प्रभारी गोविंद नारायण शुक्ल कहते भी हैं कि सदस्यता अभियान के जरिये भाजपा ने मजदूर, किसान, नाई, धोबी, लोहार, बढ़ई सहित शिल्पकारों के अलग-अलग समुदायों, इंजीनियरों, सीए, डॉक्टरों, वकीलों, व्यापारियों, बुनकरों, खिलाड़ियों, कलाकारों, अध्यापकों, लेखकों, साहित्यकारों, रिक्शा चालकों, ई-रिक्शा चालकों, सब्जी विक्रेताओं, पान विक्रेताओं जैसे अन्य छोटे-मोटे धंधे करने वालों को पार्टी से जोड़ने का फैसला किया है।