बिजली की दरें बढ़ाने की कोशिशों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री अखिलेश ने मजबूरी जाहिर की और सस्ती बिजली देने से साफ इनकार कर दिया।
बुधवार को इसी मुद्दे पर विधानसभा में भाजपा ने सत्तापक्ष पर सवाल उठाए। जिसके जवाब में राज्यमंत्री द्वारा केंद्र सरकार पर हमला करने के बाद भाजपा सदस्य वैल में आ गए। उन्होंने मंत्री पर सही जवाब न देने का आरोप लगाया।
भाजपा के सुरेश कुमार खन्ना ने प्रश्नकाल में पूछा कि वर्तमान में पावर कार्पोरेशन पर कितना कर्ज है तथा इसे चुकाने के लिए सरकार ने क्या योजना बनाई है।
उन्होंने यह भी जानना चाहा कि पावर कार्पोरेशन के घाटे की वजह क्या हैं, उत्पादन लागत बढ़ना, लाइन लॉस या कुप्रबंधन?
खुल गई भाजपा की पोल
ऊर्जा राज्यमंत्री ने कहा कि लाइन हानियों, कम वसूली और ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती बिजली देने से घाटा बढ़ा है। सस्ती बिजली की प्रतिपूर्ति प्रदेश सरकार से नहीं हो पा रही है।
भाजपा के राधा मोहन दास ने कहा कि सरकार यदि ग्रामीण क्षेत्रों को सस्ती बिजली की प्रतिपूर्ति नहीं करती और इसका खामियाजा बिजली दरों में बढ़ोत्तरी के रूप में शहरी उपभोक्ताओं को उठाना पड़ता है।
सरकार ग्रामीणों को सस्ती बिजली दे, लेकिन उसकी प्रतिपूर्ति करना सरकार का दायित्व है। ऊर्जा राज्यमंत्री यासिर शाह ने कहा कि सरकार ग्रामीण क्षेत्र के गरीबों, किसानों की विद्युत दरें नहीं बढ़ाएगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एक माह में जिस तरह से महंगाई बढ़ाई है, उससे भाजपा की पोल खुल गई। केंद्र सरकार पर टिप्पणी के विरोध में भाजपा सदस्य वैल में आ गए।
सपा ने भी बढ़ाए डीजल के दाम
भाजपा विधायक दल के नेता ने मंत्री से सही जवाब दिलाने की मांग की। इस पर संसदीय कार्यमंत्री ने कहा कि यदि सरकार कह रही है कि किसानों पर बिजली को बोझ नहीं बढ़ाएगी तो इसमें भाजपा को परेशानी क्या है? क्या ये परेशानी इसलिए है कि दिल्ली की सरकार ने डीजल के दाम बढ़ा दिए हैं ?
राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि एक दिन पहले ही सपा सरकार ने भी डीजल के दाम बढ़ाए हैं। इस पर आजम ने कहा कि दाम बढ़ाए नहीं, दाम बढ़ाने का अधिकार अपने हाथ में ले लिया है। केंद्र सरकार पेट्रोल, डीजल और दूसरे दाम घटा दें, तो यह अधिकार वापस कर देंगे।
राधामोहन दास ने पूछा कि क्या सरकार सस्ती बिजली की प्रतिपूर्ति पावर कार्पोरेशन को करेगी। ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उनके सुझाव पर विचार किया जाएगा, इस पर राधा मोहन ने कहा कि यह सुझाव नहीं सरकार का दायित्व है। इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच भाजपा सदस्य सरकार विरोधी नारे लगाते हुए सदन से बहिर्गमन कर गए।
नहीं होगी बिजली दरों में कटौती
इससे पहले भाजपा विधायक दल के नेता सतीश महाना के सवाल के जवाब में ऊर्जा राज्य मंत्री ने कहा कि औद्योगिक बिजली दरों में कटौती का कोई प्रस्ताव नहीं है।
महाना ने कहा कि क्या चार जुलाई से औद्योगिक विद्युत दरें बढ़ाने की कसरत की जा रही है। नियामक आयोग इस संबंध में सुनवाई करने जा रहा है। ऊर्जा राज्यमंत्री ने कहा कि नियामक आयोग बिजली दरों को लेकर रायशुमारी करता रहता है।
पावर कार्पोरेशन 49755 करोड़ का बकायादार
विधानसभा में सुरेश खन्ना के सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि पावर कार्पोरेशन पर विभिन्न संस्थाओं और बैंकों का 49755.72 करोड़ रुपया बकाया है।
सर्वाधिक 25244.35 करोड़ रुपया बैंकों का, 15810.38 करोड़ रुपया बॉंड का, 969.99 करोड़ हुडको का, 3726 करोड़ आरईसी, 3755 पीएफसी और 250 करोड़ रुपये नोएडा का बकाया है।