मिशन 2019 की फतह को जुटी भाजपा कोई कसर नहीं छोड़ना चाहती है। इसके लिए शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर भाजपा की प्रदेश कोर कमेटी की शुक्रवार को यहां हुई बैठक में विचार-विमर्श कर डैमेज कंट्रोल की रणनीति बनाई गई। तय हुआ कि टिकट कटने से नाराज सांसदों की बहुत चिंता करने की जरूरत नहीं है।
लेकिन जो कार्यकर्ता नाराज हैं उन्हें जरूर मनाया जाए। उनके सम्मान का ख्याल और समायोजन का आश्वासन दिया जाए। जो सांसद टिकट कटने के बाद भी शांत और अनुशासित हैं उनसे बड़े नेता मिलें और उन्हें भविष्य में समायोजन को आश्वस्त करें। जो बगावत की राह पर हैं उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया जाए।
कोर कमेटी की बैठक में यह भी तय हुआ कि लोकसभा की सभी सीटों पर बड़े नेता जाएं तो वहां कार्यकर्ताओं या उम्मीदवार को लेकर स्थिति की भी समीक्षा करें। अगर कहीं आपस में कलह दिखे तो समझा-बुझाकर उसे भी दूर करें। प्रत्याशी के साथ सभी को बैठाकर खींचतान खत्म कराएं।
बैठक में अप्रैल के पहले सप्ताह से चुनाव प्रचार की रफ्तार को और तेज करने का फैसला किया गया। तय किया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की रोजाना औसतन दो से चार सभाएं कराकर चुनावी माहौल बनाया जाए।