पश्चिमी यूपी के नेताओं ने किसानों की नाराजगी से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा की। उन्होंने चार मुद्दों का खासतौर से जिक्र किया। उनका कहना था कि गन्ना मूल्य में वृद्धि होनी चाहिए, किसानों को बकाया गन्ना मूल्य मिलना चाहिए। किसानों के ट्यूबवेल पर बिजली के मीटर लगाने का आदेश वापस होना चाहिए व आवारा पशुओं से होने वाली दिक्कतों को भी दूर किया जाना चाहिए। सौदान सिंह व चाहर इन मुद्दों से पार्टी नेतृत्व को अवगत कराएंगे।
कृषि कानूनों को वापस न लेने का संकेत
भाजपा के केंद्रीय कार्यालय में मंगलवार रात आंदोलन से प्रभावित चार राज्यों के जाट समाज से जु़ड़े नेताओं की बैठक में संकेत दिए गए कि केंद्र सरकार तीनों कृषि कानून वापस नहीं लेगी। एमएसपी को कानूनी गारंटी देना भी संभव नहीं होगा। कहा गया कि बिलों की आड़ में किसानों को भ्रमित किया जा रहा है। आंदोलन के पीछे कम्युनिस्टों की भूमिका बताई गई।