भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तर्ज पर सभी सांसदों के क्षेत्रों में हुए कामों पर पुस्तिका जारी करने की योजना भी बनाई है। इसमें उस क्षेत्र में कराए गए कामों का लेखा-जोखा होगा। साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं से उस क्षेत्र में लाभान्वित हुए लोगों का ब्योरा भी शामिल किया जाएगा। इन पुस्तिकाओं की थीम भाजपा बनाम गैरभाजपाई सरकारें है।
सांसदों की स्थिति की भी परख
संचालन समितियों में सांसदों की अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति के बारे में भी आकलन किया जा रहा है। इसके लिए विधानसभा क्षेत्रों की संचालन समितियों और मंडल इकाइयों तथा अन्य कार्यकर्ताओं से भी फीडबैक जुटाया जा रहा है। बैठकों में पार्टी के नेता क्षेत्रीय और जिलों के पदाधिकारियों, लोकसभा क्षेत्रों के प्रभारियों से सांसदों और विधायकों के बारे में पूरी जानकारी लेते हैं। इसीलिए इन बैठकों में अंतिम चरण में पार्टी सांसदों को आने की अनुमति दी जाती है।
बैठकों में सांसदों के साथ सभी क्षेत्रों में वहां के भाजपा विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय, संपर्क व संवाद की स्थिति भी समझी जा रही है। दरअसल, ज्यादातर स्थानों पर भाजपा सांसदों और विधायकों के बीच तनातनी की खबरों ने पार्टी नेतृत्व को चिंता में डाल रखा है। संचालन समितियों की बैठकों के जरिये पार्टी इसे भी ठीक करने की कोशिश कर रही है।