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मिशन 2019: भाजपा ने लोकसभा क्षेत्रों में अपनी स्थिति परखने के लिए बनाया ये प्लान

Mon, 01 Oct 2018 04:47 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा ने जमीनी फीडबैक जुटाना शुरू कर दिया है। इसके लिए लोकसभा क्षेत्रों के लिए बनी संचालन समितियों की बैठकें शुरू हो रही हैं। प्रदेश में 19 स्थानों पर बैठकें होंगी। एक बैठक में औसतन चार से पांच लोकसभा क्षेत्रों की संचालन समितियों के लोग शामिल हो रहे हैं।

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भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्रनाथ पांडेय ने रविवार को झांसी और प्रदेश महामंत्री संगठन सुनील बंसल ने लखनऊ में लोकसभा संचालन समिति की बैठक में हिस्सा लिया। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य सोमवार को इलाहाबाद में संचालन समिति की बैठक में मौजूद रहेंगे। अन्य स्थानों पर बैठकों की तारीखें भी तय हो चुकी हैं। लोकसभा संचालन समितियों की बैठकों के बाद विधानसभा क्षेत्रों की संचालन समितियों की बैठकें होंगी।

मिशन 2019 की फतह के लिए जमीन मजबूत बनाने में जुटे भाजपा नेता चुनावी बिगुल बजने से पहले सभी लोकसभा क्षेत्रों का पूरा हाल समझ लेना चाहते हैं। इसीलिए पार्टी ने पिछले दिनों सभी सांसदों और विधायकों को अपनी-अपनी निधि से क्षेत्रों में कराए गए कामों का ब्योरा तैयार कराकर उसकी एक प्रति प्रदेश मुख्यालय भेजने का निर्देश दिया था।
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पिछले चुनाव के बाद से अब तक अलग-अलग क्षेत्रों में हुए कामों का विवरण मांगने के साथ सभी से उनके यहां एजेंडे के बचे कामों का ब्योरा भी तैयार कराने का कहा गया था। संचालन समितियों की बैठकों में इन पर चर्चा होगी।

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लोकसभा क्षेत्रों की बनेगी रिपोर्ट

भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तर्ज पर सभी सांसदों के क्षेत्रों में हुए कामों पर पुस्तिका जारी करने की योजना भी बनाई है। इसमें उस क्षेत्र में कराए गए कामों का लेखा-जोखा होगा। साथ ही केंद्र और राज्य सरकारों की कल्याणकारी योजनाओं से उस क्षेत्र में लाभान्वित हुए लोगों का ब्योरा भी शामिल किया जाएगा। इन पुस्तिकाओं की थीम भाजपा बनाम गैरभाजपाई सरकारें है।

सांसदों की स्थिति की भी परख
संचालन समितियों में सांसदों की अपने-अपने क्षेत्रों में स्थिति के बारे में भी आकलन किया जा रहा है। इसके लिए विधानसभा क्षेत्रों की संचालन समितियों और मंडल इकाइयों तथा अन्य कार्यकर्ताओं से भी फीडबैक जुटाया जा रहा है। बैठकों में पार्टी के नेता क्षेत्रीय और जिलों के पदाधिकारियों, लोकसभा क्षेत्रों के प्रभारियों से सांसदों और विधायकों के बारे में पूरी जानकारी लेते हैं। इसीलिए इन बैठकों में अंतिम चरण में पार्टी सांसदों को आने की अनुमति दी जाती है।

बैठकों में सांसदों के साथ सभी क्षेत्रों में वहां के भाजपा विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय, संपर्क व संवाद की स्थिति भी समझी जा रही है। दरअसल, ज्यादातर स्थानों पर भाजपा सांसदों और विधायकों के बीच तनातनी की खबरों ने पार्टी नेतृत्व को चिंता में डाल रखा है। संचालन समितियों की बैठकों के जरिये पार्टी इसे भी ठीक करने की कोशिश कर रही है।
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