आंबेडकर प्रतिमा को पहनाये गए भगवा वस्त्र।
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उन्होंने कहा, बहुजन समाज की सुरक्षा के लिए जो कानून बनाया गया था, उससे भी लगातार छेड़छाड़ हो रही है। देश व प्रदेश में प्रतिदिन घट रही दलित विरोधी घटनाओं से बहुजन समाज सुरक्षा, न्याय और सम्मान को लेकर चिंतित है। उन्होंने दलित परिवारों को खेती के लिए जमीन, खाली पदों पर भर्तियां निकालकर नियमानुसार आरक्षित पदों पर नौकरियां देने की भी मांग की।
निजी क्षेत्र में भी मिले आरक्षण
सावित्री बाई फुले ने कहा, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों के साथ निजी क्षेत्र की कंपनियों में एससी, एसटी, ओबीसी और महिलाओं को आरक्षण देना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से जातिगत जनगणना की मांग करते हुए जनगणना के आधार पर समान अवसर दिलाने की मांग की।
कहा कि संविधान की मूल भावना को आज तक लागू नहीं किया गया। यदि संविधान पूरी तरह लागू हो तो देश में गरीब व गरीबी नहीं दिखेगी। कहा कि दलित व पिछड़े वर्ग के अधिकारी व कर्मचारियों को न्याय नहीं मिल रहा है। आईएएस, पीसीएस, आईपीएस को अच्छी जगह तैनात नहीं किया जाता। उन्होंने सेना में भी दलित व पिछड़े वर्ग को आरक्षण के आधार पर भर्तियां करने की मांग की।