सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव।
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समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश में आपराधिक स्थिति गंभीर होने और अराजकता बढ़ जाने से भाजपा के सांसद-विधायक भी परेशान हैं। जंगलराज से डरे भाजपा के एक विधायक ने मुख्यमंत्री व डीजीपी से सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने तंज कसा कि जब सत्ता दल के एमपी-एमएलए और मेयर द्वारा अफसरों पर लगाए जा रहे भ्रष्टाचार के आरोपों की सुनवाई नहीं हो रही तो जनसामान्य की क्या पूछ होगी?
अखिलेश ने शुक्रवार को प्रदेश के हालात पर पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ चर्चा की। उनसे कानून व्यवस्था, फर्जी एनकाउंटर, किसानों की स्थिति, नौजवानों के भविष्य और कोरोना संकट के दौर में लॉकडाउन और अनलॉक के हालात पर फीड बैक लिया। विचार-विमर्श में विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, पूर्व मंत्री मनोज पांडेय, अभिषेक मिश्र, राजेन्द्र चौधरी और प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल खासतौर पर मौजूद रहे।
सभी का कहना था कि प्रदेश में अपराधियों के निरंकुश होने से स्थिति गंभीर होती जा रही है। भाजपा के विधायकों, सांसदों व नेताओं से लेकर कार्यकर्ताओं तक में बेचैनी व मायूसी है। चर्चा में भाजपा नेताओं के अवैध खनन व शराब तस्करी जैसे धंधों में शामिल होने की बातें सामने आईं। इस पर गंभीर चिंता जताई गई कि प्रदेश में हत्या, लूट, अपहरण और फर्जी एनकाउंटर की घटनाएं बढ़ी हैं। प्रदेश में माफिया, नेता व नौकरशाही के गठजोड़ कारण अपराध थम नहीं रहे हैं।
351 का लक्ष्य बनाकर करें चुनाव की तैयारी
अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार की अदूरदर्शी नीतियों से प्रदेश बहुत पीछे चला गया है। भाजपा नेतृत्व के पास न कोई लक्ष्य है और न कोई विजन है। हमें गांव-गांव, घर-घर में भाजपा के झूठे दावों की सच्चाई बतानी होगी। प्रदेश की जनता को विकल्प देने के लिए हमें 351 के लक्ष्य के साथ विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारी करने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़नी है।