लोकसभा में सोमवार की दोपहर कौशांबी के भाजपा सांसद ने यूपी पुलिस पर उन पर बेरहमी से पीटने और फर्जी मुकदमे दर्ज करने का आरोप लगाया।
सोमवार को लोकसभा उस समय गरमा गई जब कौशांबी से भाजपा के सासंद विनोद कुमार सोनकर ने यूपी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा की यूपी पीसीएस पेपर लीक के मसले पर उन्होंने छात्रों की पूरी परीक्षा पुनः कराने की मांग का समर्थन किया था।
इसके लिए वह इलाहाबाद में छात्रों के साथ प्रदर्शन में शामिल हुए थे। इसी शांतिपूवर्क प्रदर्शन के दौरान यूपी पुलिस ने उनके साथ बर्बरता से भरी कारवाई की। सासंद सोनकर ने कहा कि पुलिस ने उन पर बेरहमी से लाठियां बरसाई, यह जानते हुए भी कि वह एक सांसद हैं।
सोनकर ने कहा कि पुलिस की इस कारवाई में उनके सांसद होने के विशेषाधिकार का भी ध्यान नहीं रखा गया। पुलिस ने मुझ पर इस तरह के हमले कीए की मेरी पीठ पर गंभीर चोटें आ गईं।
सोनकर ने कहा कि यूपी पुलिस यहीं नहीं रुकी। इस घटना के बाद उन पर फर्जी मुकदमे दायर किए गए। जिलाधिकारी ने भी उन पर अनैतिक कारवाई की। भाजपा सांसद के इस आरोप को सांसद के विशेषाधिकार का उल्लघंन बताते हुए कुछ और सांसदों ने इस मसले पर गंभीर रवैया अपनाने की बात कही।
सोनकर सहित कुछ और सदस्यों ने मांग करते हुए कहा कि इस घटना की जांच के लिए एक कमेटी बनाई जाए और दोषियों पर इसके खिलाफ कड़ी कारवाई की जाए।
सरकार की ओर से संसदीय मामलों के राज्यमंत्री राजीव प्रताप रुढ़ी ने इस घटना को संज्ञान में लेते हुए उचित कार्यवाही करने की बात कही है।