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भाजपा विधायक अविनाश त्रिवेदी के समर्थकों ने बीच सड़क दरोगा को पीटा, एमएलए बोले- मैं निर्दोष

Fri, 24 Aug 2018 02:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अविनाश त्रिवेदी, बीकेटी विधायक - फोटो : amar ujala
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लखनऊ विश्वविद्यालय में प्रोफेसर से मारपीट करने के मामले में फरार चल रहे आरोपी प्रशांत मिश्रा को पुलिस ने बृहस्पतिवार देर शाम को दबोच लिया। वहीं अटलजी के अस्थि विसर्जन कार्यक्रम में जमा हुए भाजपा कार्यकर्ताओं ने चौकी प्रभारी पर हमला कर आरोपी को छुड़ा लिया।
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मारपीट के दौरान आरोपी को पुलिस ने घेरने का प्रयास किया, वह कार्यकर्ताओं के साथ गाड़ी में बैठकर फरार हो गया। बताया जा रहा है कि ये सभी कार्यकर्ता बीकेटी से भाजपा विधायक अविनाश त्रिवेदी के साथ मौके पर मौजूद थे। वहीं विधायक ने प्रशांत मिश्रा और विवाद में शामिल कार्यकर्ताओं का अपने से कोई संबंध नहीं बताया है। 

झूलेलाल पार्क में अस्थि कलश के विसर्जन का कार्यक्रम था। इस दौरान चौकी प्रभारी अभय सिंह की ड्यूटी एलयू के मेन गेट पर थी। अस्थि विसर्जन कार्यक्रम खत्म होने के बाद वह यातायात व्यवस्था संभाल रहे थे। इसी बीच उनकी नजर एलयू वीसी व शिक्षकों के साथ पांच जुलाई को हुई मारपीट केआरोपी प्रशांत मिश्रा पर पड़ी।
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उन्होंने प्रशांत को दबोचा और उसे चौकी की तरफ  ले जाने लगे। उसी समय भाजपा विधायक अविनाश त्रिवेदी का काफिला गुजरा। इसमें बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता शामिल थे, जिन्हें देख प्रशांत चीखने लगा। काफिला रुक गया। इसी बीच एक वकील भी अपने कुछ समर्थकों के साथ पहुंच गए।
 
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मारपीट के आरोपी को बचाने के लिए विवाद

दोनों पक्ष प्रशांत को छोड़ने का दबाव पुलिस पर बनाने की कोशिश करने लगे। अभय सिंह ने अनसुना किया तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने नाराज होकर उन पर पर हमला कर दिया। उनकी पिटाई की गई और वर्दी पर लगी नेम प्लेट को नोंचकर उखाड़ दिया।

कार्यकर्ताओं की भीड़ में अकेले फंसे चौकी प्रभारी की पकड़ कमजोर पड़ी तो प्रशांत मिश्रा उन्हें धक्का देकर वहां से फरार हो गया। मौके पर मौजूद विधायक पुलिस पर हमलाकर रहे समर्थकों को रोकने के बजाए चौकी प्रभारी को धमकाते हुए एसयूवी में चल दिए।

एएसपी ट्रांस गोमती हरेन्द्र कुमार ने बताया कि प्रशांत को हिरासत में लिए जाने पर उसके कुछ साथियों ने विरोध किया था। इस वजह से धक्का-मुक्की हुई। चौकी प्रभारी से घटना के बारे में जानकारी ली जा रही है, आधार पर कार्रवाई होगी। पांच जुलाई को लविवि में बवाल के बाद चौकी प्रभारी अभय सिंह की तरफ से मारपीट करने वाले छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था। जांच में प्रशांत मिश्रा का नाम भी सामने आया था। 

'मैं नहीं जानता प्रशांत मिश्रा को व  विवाद क्या झगड़ा छुड़वाने रुका था'
‘मैं अटलजी के अस्थिकलश कार्यक्रम में शामिल होने लखनऊ आया हुआ था, लौटते समय पुलिस और लोगों में विवाद होता देखा तो एक शांतिप्रिय नागरिक के तौर पर समझौता करवाने बीच में पड़ा। मेरी मौजूदगी में कोई हाथापाई नहीं हुई, मेरे साथ मौजूद समर्थक अनुशासित थे और किसी फसाद में पड़े बिना लौट आए थे। न पुलिस से विवाद करने वालों से मेरा कोई लेना-देना है और न ही मैं यह जानता हूं कि प्रशांत मिश्रा कौन है।’ - अविनाश त्रिवेदी, बीकेटी विधायक
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