भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
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भाजपा के स्थापना दिवस से पार्टी की भगवा टोपी लांच हो गई। 42वें स्थापना दिवस पर पार्टी के कार्यकर्ताओं से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह सहित तमाम मंत्री और नेता भगवा टोपी पहने नजर आए।
प्रदेश की सियासत में अभी तक समाजवादी पार्टी की लाल टोपी, बहुजन समाज पार्टी की नीली टोपी, सुभासपा की पीली टोपी, आम आदमी पार्टी की सफेद टोपी, निषाद पार्टी की बहुरंगी टोपी प्रचलित है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित भाजपा के नेता सदन से सड़क तक टोपियों को लेकर विपक्षी दलों को समय-समय पर निशाने पर भी लेते रहे है। अभी कुछ दिन पहले चुनावी सियासत में भी टोपियों को लेकर हंगामा मचा था।
भाजपा में भी अब टोपी की एंट्री हो गई है। भगवा रंग की टोपी पर बीजेपी लिखा है और कमल का फूल बना है। संभवत: यह पहला मौका है जब बीजेपी नेता इस तरह टोपी लगाए दिखेंगे। विधानसभा चुनाव के बाद बीजेपी नेताओं के सिर पर दिखी यह भगवा टोपियां यूं ही नहीं हैं । इन टोपियों के सहारे बीजेपी भविष्य के समीकरण साधते दिख रही है।
सियासत में संकेतों और समीकरणों का खास महत्व होता है। भाजपा के नेताओं के सिरों पर भगवा टोपियां न सिर्फ भाजपा नेताओं के भगवा एजेंडे को धार देंगी बल्कि विपक्ष को भी भाजपा की पिच पर खेलने का आमंत्रण देंगी। विपक्ष टोपियों को लेकर यदि कुछ हमला बोलेगा तो यह टोपी विपक्ष पर हमले का बीजेपी का हथियार बनेगी भाजपा ने टोपी और उसके रंग को राष्ट्रवाद के रंग से रंगकर विपक्ष को घेरेगी।
उधर, भगवा टोपियां पहने पार्टी के कार्यकर्ता माहौल बनाए रखने का प्रयास करेंगे। केंद्रीय कार्यालय से टोपियों का सैंपल मंगाने के बाद प्रदेश मुख्यालय ने लाखों टोपियां बनवाने का ऑर्डर दे दिया है।