फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा ने पंचायत चुनाव के लिए व्यूह रचना पर की चर्चा, इन बातों पर दिया जोर

Tue, 29 Dec 2020 02:14 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
बैठक में मौजूद भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह व यूपी प्रभारी राधा मोहन सिंह। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश भाजपा की उच्चस्तरीय बैठक में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की व्यूह रचना पर चर्चा हुई। पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह ने अभी मतदाता पुनरीक्षण के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जो लोग अभी तक मतदाता बनने से वंचित हैं, उन्हें वोटर बनाया जाए।

विज्ञापन


पंचायत चुनाव की कोर टीम की इस बैठक में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि प्रवास व संपर्क के माध्यम से कार्यकर्ता स्वयं को सक्रिय करे। इसकी चिंता पंचायत चुनाव में लगी इस कोर टीम को करनी है। समृद्ध ग्राम से ही समृद्ध राष्ट्र की परिकल्पना को साकार रूप दिया जा सकता है। ग्राम स्वावलंबन से आत्मनिर्भर भारत का सपना साकार होगा।

बैठक में पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष व पंचायत चुनाव प्रभारी विजय बहादुर पाठक ने पंचायत चुनाव को लेकर तय किए गए संगठनात्मक ढांचे का ब्यौरा रखा।

इस दौरान जलशक्ति मंत्री डॉ. महेन्द्र सिंह, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और पंचायतीराज मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी, पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रकाश पाल, मंत्री संजय राय, सुभाष यदुवंश, शंकरलाल लोधी, पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के अध्यक्ष बाबूराम निषाद और विधायक विपिन वर्मा डेविड मौजूद थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

चार चरणों में एक साथ होंगे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव

उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधान, ग्राम पंचायत सदस्य. क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य के चुनाव इस बार एक साथ होंगे। अभी तक की तैयारियां मार्च 2021 में चुनाव कराने की हैं। आरक्षण का फार्मूला जल्द तय हो जाएगा। वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया फरवरी के तीसरे सप्ताह तक पूर्ण कर ली जाएगी।

प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायतों, ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत का कार्यकाल क्रमश: 25 दिसंबर, 14 जनवरी और 18 मार्च को समाप्त हो रहा है। 25 दिसंबर को आधी रात से ग्राम पंचायतें भंग हो चुकी हैं। कोविड-19 के चलते प्रदेश में पंचायत चुनाव समय से नहीं हो पाए हैं।

ग्राम पंचायतों में 26 दिसंबर से विकास खंडों के सहायक विकास अधिकारियों (एडीओ पंचायत) को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने पर जिलाधिकारी और क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष (ब्लाक प्रमुख) का कार्यकाल पूरा होने पर उप जिलाधिकारी (एसडीएम) को प्रशासक तैनात किया जाएगा।

शासन ने पंचायत चुनावों कराने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारी प्रारंभ कर रखी है। सरकार की मंशा मार्च में पंचायत चुनाव कराने की है। पिछली बार ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के चुनाव एक साथ हुए थे। क्षेत्र पंचायत सदस्य व जिला पंचायत सदस्य के चुनाव अलग से हुए थे। इस बार समय बचाने के लिए चारों पदों के चुनाव एक साथ कराने की तैयारी है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें