भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के पहले दिन ने यह साफ कर दिया कि एक वर्ग विशेष के लड़कों द्वारा हिंदू लड़कियों का धर्मान्तरण कराने की घटनाओं को जब-तब ‘लव जेहाद’ के नाम से उठाने वाली भाजपा अब इसे मुद्दा बनाएगी।
उसने इसके सहारे यूपी की सत्ता सजाने का सपना संजो लिया है। भले ही मंच पर पदाधिकारियों ने सीधे-सीधे इस शब्द का उल्लेख नहीं किया हो, केंद्रीय नेतृत्व के तीखे तेवरों पर सीधे-सीधे इस शब्द से बचने के लिए प्रदेश अध्यक्ष के भाषण में एक पंक्ति पर गहरी स्याही पोत दी गई हो।
पर, अंदर से बाहर तक प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से यही मुद्दा निशाने पर रहा।
निर्दोषों का उत्पीड़न करना मकसद
बैठक स्थल पर जहां धर्म विशेष के लोगों का उल्लेख करते हुए इस मुद्दे पर निशाना साधा गया तो बाहर नेता इस पर खुलकर बोले।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बैठक में कहा कि कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है। सपा सरकार की नीति मजहब देखकर दंगाइयों का संरक्षण व धर्म देखकर निर्दोषों का उत्पीड़न करना है।
मेरठ, अमानीगंज (फैजाबाद), लोनी (गाजियाबाद) की घटनाओं से साफ हो जाता है कि सरकार एक मजहब विशेष के अभियुक्तों पर नरम है।
मजहब विशेष का होने के कारण उन्हें सपा सरकार के संरक्षण में दुराचार करने व लड़कियों का धर्मान्तरण कराने का लाइसेंस मिल गया है। इससे निपटेंगे।
भाजपाइयों की नजर में 'लव जेहाद'
कलराज ने कहा कि गोवर्धन की धरती राक्षसों व देवताओं दोनों को पराजित करने की शक्ति का प्रतीक है। विश्वास है कि भाजपा यहां से सूबे की जनविरोधी सपा सरकार को उखाड़ फेंकने की शक्ति प्राप्त कर लौटेगी।
बैठक स्थल के बाहर जब वाजपेयी से ‘लव जेहाद’ के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था पर महिलाओं के उत्पीड़न पर जब चर्चा होगी तो यह विषय स्वाभाविक रूप से उठेगा।
बहला-फुसलाकर व लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन
किसी नेता ने सीधे तो किसी ने घुमा-फिराकर ‘लव जेहाद’ पर निशाना साधा।
कहा कि सपा सरकार के संरक्षण में मजहब विशेष के युवक, हिंदू लड़कियों को प्रेम के जाल में फंसाकर उन्हें बहला-फुसलाकर व लालच देकर उनका धर्मपरिवर्तन करा रहे हैं।
यही ‘लव जेहाद’ है। अभी हाल में ही मेरठ के खरखौंदा के सराबा गांव में घटी घटना के बाद यह शब्द ज्यादा चर्चा में आया।