संतोष ने उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व डॉ. दिनेश शर्मा, ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा, समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री, एमएसएमई मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह, श्रम मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, परिवहन मंत्री अशोक कटारिया, बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री सतीश द्विवेदी, राज्यमंत्री गुलाबो देवी समेत अन्य मंत्रियों से अलग-अलग बंद कमरे में बात की।
इसमें प्रदेश अध्यक्ष, प्रदेश प्रभारी और प्रदेश महामंत्री संगठन को भी नहीं शामिल किया गया। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि संतोष ने मंत्रियों के दिल की बात जानने का प्रयास किया। मंत्रियों की शिकायतों और समस्याओं को जानने के साथ यह भी पता लगाने का प्रयास किया कि जनता व कार्यकर्ताओं के साथ उनका कितना संवाद, संपर्क और सामंजस्य है। पर, उन्होंने मंत्रियों को कोई सुझाव नहीं दिया, बल्कि उन्हें ही सरकार व संगठन के कामकाज पर बोलने का पूरा मौका दिया।
बीएल संतोष ने मंत्रियों से पूछा कि आप साढ़े चार वर्ष में कितने विधायकों से मिले और कितने विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया। आपने कितने विधायकों की शिकायतों या मांगों का निस्तारण किया। साथ ही कार्यकर्ताओं के वाजिब कितने काम कराए। उन्होंने पूछा कि मंत्रियों के बीच आपसी समन्वय कितना है?
कोरोना प्रबंधन पर बात की : दिनेश शर्मा
उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि राष्ट्रीय महामंत्री संगठन ने प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर को नियंत्रित करने के लिए कोरोना प्रबंधन और संभावित तीसरी लहर की रोकथाम के मुद्दे पर भी चर्चा की है।