परिवर्तन चौक के अलावा चौक चौराहे में उनकी परिचित दुकानों से वह मघई पान खाना पसंद करते थे। मुझसे मिलते ही कहते कि पान तो लाए ही होगे, लाओ दो जरा। काजू की दालमोठ उन्हें बहुत पसंद थी।
राजनेताओं को क्या नहीं करना चाहिए पर अक्सर हम जब लोग उनसे सवाल पूछते तो वे बताते अगर नींद ना आए तो कभी नींद की गोली नहीं खानी चाहिए..! कुछ लोग समझ पाते, कुछ मतलब नहीं जान पाते।
1974 में भूमि भवन आंदोलन के दौरान उनके साथ 22 दिन तक आदर्श कारागार में हम बंद रहे। सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन करने में 144 धारा का उल्लंघन किया था और 133 लोग बन्द हुए थे।