मोदी भले ही केंद्र में बैठे हों लेकिन उनकी नजर यूपी पर लगातार बनी हुई है। शायद इसीलिए वह प्रदेश सरकार को चैन की सांस नहीं लेने देना चाहते हैं।
जी हां, प्रदेश सरकार की किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ भाजपा किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने शुक्रवार दोपहर विधान भवन के सामने प्रदर्शन किया। जिसमें किसानों की समस्याओं को लेकर अखिलेश सरकार पर सवाल उठाए।
इसके पहले भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा ने भी विरोध प्रदर्शन किया था, वहीं बदायूं रेप और मर्डर केस को लेकर भाजपा की महिला मोर्चा भी प्रदर्शन कर चुकी है। जिससे यह तो साफ है कि भाजपा प्रदेश सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती।
आज हुए प्रदर्शन का नेतृत्व किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष विजयपाल सिंह तोमर ने किया। इस मौके पर भाजपा नेता पंकज सिंह भी मौजूद रहे।
भाजपा का दावा आक्रोशित हैं किसान
प्रदर्शन के दौरान विजय पाल सिंह तोमर ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान हितैषी होने का दावा करती है मगर किसान बदहाल आर्थिक स्थिति से तंग आकर खुदकशी करने को मजबूर है।
सरकार किसानों को बिजली, पानी, खाद, बीज व उपज का मूल्य दिलाने में पूरी तरह से विफल रही है। इससे किसानों में काफी आक्रोश है।
उन्होंने प्रदर्शन के माध्यम से किसानों के लिए गन्ने का बकाया भुगतान, खाद, बिजली, प्राकृतिक आपदा मुआवजा सहित अन्य कई मांगे की।
बेपरवाह है यूपी सरकार
प्रदेश प्रवक्ता डॉ. मोहन ने बताया कि सरकार की किसान विरोधी नीतियों को लेकर किसान परेशान है मगर सरकार की सेहत पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।
दोपहर 12 बजे के करीब भाजपा दफ्तर से विधान भवन घेरने के लिए निकले तो पुलिस ने उन्हें गेट पर रोक लिया। एक घंटे तक चले प्रदर्शन से सड़क पर जाम लग गया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को बैरीकेंटिग में करके यातायात शुरू कराया। प्रदर्शन में प्रदेश उपाध्यक्ष सुधीर कुमार सिंह सिद्धू, केके सिंह, सतपाल यादव, विवेक श्रीवास्तव, ऋषिकेश ओझा के अलावा बड़ी संख्या में भाजपा के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
यूपी में पैर जमाने की हरसंभव कोशिश
यह तो स्पष्ट है कि आम चुनाव में 71 सीटें जीतने के बाद शीर्ष नेतृत्व को यकीन है कि यूपी में भाजपा का जनाधार बढ़ रहा है।
ऐसे में पार्टी विरोध अखिलेश सरकार को लगातार घेर कर जनता की नजर में बने रहना चाहती है।
भाजपा को लंबे समय बाद केंद्र में सत्ता प्राप्त हुई है अतः पार्टी अब यूपी में अपने पैर जमाकर केंद्र में लंबे समय तक बने रहना चाहती है।