उन्होंने कहा कि वर्तमान में दलित-पिछड़ा उत्पीड़न को योगी सरकार का प्रत्यक्ष संस्थागत वरदहस्त मिला हुआ है। चेयरमैन अलोक प्रसाद की गिरफ्तारी अलोकतांत्रिक ही नहीं, वरन दलित-पिछड़े समाज के उत्पीड़न की सोची समझी रणनीति का हिस्सा है।
पूर्व मंत्री आरके चौधरी ने कहा कि आत्मदाह की घटनाएं बढ़ रही हैं। सरकार और पुलिस से जनता को न्याय नहीं मिल पा रहा है। सरकार इस पर ध्यान देने के बजाय निर्दोष लोगों को मामलों में फंसा रही है।