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यूपी चुनाव 2022: सरकार के बाद अब संगठन की समीक्षा में जुटा भाजपा हाईकमान, अमित शाह ने संभाली कमान

Tue, 15 Jun 2021 09:23 AM IST
ishwar ashish सुधीर कुमार सिंह, अमर उजाला, लखनऊ

सार

यूपी को लेकर भाजपा चुनावी मोड में आ चुकी है। इसकी कमान खुद गृहमंत्री अमित शाह ने अपने हाथों में ले ली है। इसके लिए पूरी योजना भी तैयार कर ली गई है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : ANI
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विस्तार
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चुनावी मोड़ में आ चुका भाजपा हाईकमान अब तेजी से संगठनात्मक खामियों को दूर करने में जुट गया है। इसकी कमान खुद गृहमंत्री अमित शाह ने संभाल ली है। उन्होंने सरकार के बाद अब संगठन की समीक्षा शुरू कर दी है। उन्होंने इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से की है। गृहमंत्री जल्द ही कई जिलों के पदाधिकारियों और पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं से संगठन के बारे में फीडबैक लेंगे।

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सूत्रों के मुताबिक गृहमंत्री एक-एक करके सभी बड़े जिलों में पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं से संगठन के रंग-ढंग और क्रियाकलापों के बात करेंगे। गृहमंत्री संगठन में तमाम खाली पदों पर अब तक नियुक्ति न होने को लेकर भी बात करेंगे। वहीं ब्लाक, जिला, मंडल व क्षेत्रीय स्तर पर संगठन में जिम्मेदारी संभालने वाले पदाधिकारियों की योग्यता के बार में जानकारी जुटाएंगे। सूत्रों का कहना है कि गृहमंत्री जल्द ही लखनऊ या वाराणसी पहुंचकर प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर सकते हैं।

हाल में ही भाजपा हाईकमान ने पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी राधामोहन सिंह को लखनऊ भेजा था। दोनों राष्ट्रीय नेताओं ने तीन दिन तक लखनऊ में रहकर सरकार व संगठन के कामकाज की समीक्षा कर हाईकमान को अपनी रिपोर्ट दे दी है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दिल्ली जाकर अपना पक्ष रख आए हैं।
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अब हाईकमान की नजर सांगठनिक खामियों पर है। चूंकि हाईकमान का मानना है कि जब तक जमीनी स्तर पर पार्टी के पदाधिकारी व कार्यकर्ता संतुष्ट नहीं होंगे, तब तक आगामी चुनाव में भाजपा की फिजां नहीं बन पाएगी। इसके मद्देनजर अमित शाह ने कमान संभाल ली है। संगठन की जमीनी हकीकत की पड़ताल करते हुए वह एक-एक बिंदु पर जानकारी ले रहे हैं। उनका खास फोकस पार्टी के पुराने, निष्ठावान, अनुभवी व क्षमतावान कार्यकर्ताओं को संगठन में अहमियत देने पर है।

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इन मुद्दों पर होगी समीक्षा

- संबंधित शहर में चल रही विकास कार्यों की स्थिति।
- संगठन के कार्यों की जानकारी, जनता से संवाद की स्थिति।
- कोरोना काल में दी जा रही सरकारी सुविधाओं को जनता तक पहुंचाने में संगठन की भूमिका।
- सुविधाओं को लेकर आम लोगों की नजरिया।
- भाजपा द्वारा घोषित सेवा कार्य को लेकर संगठन की सक्रियता।
- कमिश्नर, डीएम समेत स्थानीय अधिकारियों के व्यवहार।
- संगठन की जिम्मदारी देने में योग्यता का पैमाना।
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