सपा अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार किसानों को बर्बाद करने पर तुली हैं। केंद्र सरकार खेती को अमीरों के हाथों गिरवी करने के लिए शोषणकारी विधेयक लाई है। ये खेतों से किसानों का मालिकाना हक छीनने का षडयंत्र है। इससे न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने वाली मंडियां धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगी। भविष्य में किसानों की उपज का उचित दाम भी छिन जाएगा। किसान अपनी ही जमीन पर मजदूर बन कर रह जाएंगे।
अखिलेश यादव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए बिल किसान विरोधी है। ये किसानों के साथ बड़ी साजिश का हिस्सा हैं। कृषि और किसान ही होता है जो कठिन समय में देश की अर्थव्यवस्था संभालता था। लेकिन, अब खेती पर बड़े उद्योगपतियों की नजर है। जिससे किसान मजदूर बन कर रह जाएगा। किसानों की खेती बर्बाद हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जब से सत्ता में आई है, उसने अपनी नीतियों और कार्यों से किसान को त्रस्त कर रखा है। अभी धान की फसल में डालने के लिए यूरिया व अन्य उर्वरकों के लिए किसान मारा-मारा फिर रहा था। यूरिया खाद की जमकर कालाबाजारी हुई। किसान को महंगे दामों पर यूरिया खरीदनी पड़ी। गन्ना किसानों की परेशानी जस की तस है। नया पेराई सत्र आने वाला है लेकिन पिछले सत्र का 15 हजार करोड़ रुपया बकाया है। गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर सरकार चुप्पी साध लेती है। सरकार और मिल मालिकों की सांठ-गांठ से गन्ना किसान संकट में है।
नौजवानों को धोखा दे रही सरकार
सपा अध्यक्ष ने कहा कि किसानों की तरह ही भाजपा नौजवानों को लगातार धोखा दे रही है। भाजपा ने चुनाव के समय नौकरियों के नाम पर युवाओं से कितना झूठ बोला, यह अब पता चल रहा है। भाजपा सरकार नौजवानों का भविष्य अंधेरे गर्त में धकेलने का काम कर रही है। उसकी मंशा युवाशक्ति के पूर्ण शोषण और उसे कुंठित कर अपने स्वामिभक्त सेवक में तब्दील कर देने की है। सरकारी नौकरियों में भी ठेका प्रथा लागू करने का युवा विरोधी कदम उठाकर भाजपा ने अपना असली चेहरा उजागर कर दिया है। आक्रोशित युवा भाजपा को सन् 2022 में अवश्य सबक सिखाएंगे। उन्होंने कहा कि नौजवान, किसान तथा आम आदमी भाजपा की धोखे की राजनीति को समझ रहा है।
आसमान छू रही महंगाई
भाजपा सरकार में प्रदेश व देश में महंगाई आसमान छू रही है। कोरोना काल में जबकि हर व्यक्ति आर्थिक संकट से जूझ रहा है। लोगों की जेब खाली है। ऐसे में खाने-पीने की चीजों व सब्जियों के दामों में बेतहाशा वृद्धि ने जनता के सामने नया संकट पैदा कर दिया है। भाजपा की नीतियां लोक कल्याणकारी नहीं है।