समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है प्रदेश की भाजपा सरकार न तो कोरोना संक्रमण को रोक पा रही है और न ही अराजकता। भ्रष्टाचार पर भी लगाम नहीं लगा पा रही है। मुख्यमंत्री अस्पतालों में बेड और जांच बढ़ाने के बयान जारी करते हैं जबकि अस्पतालों में डॉक्टर, एनेस्थेटिस्ट, वेंटिलेटर चलाने वाला स्टाफ तक नहीं है। पुलिस की ठोको नीति का पहले गरीबों-पिछड़ों को शिकार बनाया जाता था। अब भाजपा विधायकों-सांसदों का भी नंबर लगने लगा है। कहीं-कहीं अपराधी पुलिस को भी ठोंकने में लग गए हैं।
अखिलेश ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमितों की संख्या में तेजी हो रही है। मरीजों को न तो दवाएं मिल रही हैं और न ही उनके संपर्क में आने वालों की जांच हो रही है। मदद के लिए जिन अधिकारियों की डयूटी लगती है, वे फोन तक नहीं उठाते हैं। सब कुछ खानापूर्ति करने तक सीमित है।
उन्होंने कहा, भाजपा के रामराज्य का हाल ये है कि कई जिलों में पुलिस और विधायकों-सांसदों के बीच अनबन में मर्यादा की सीमाएं टूट रही हैं। दूसरी तरफ अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चले हैं कि कौशांबी में दबिश देने गई पुलिस टीम पर ही हमला हो गया। एक सिपाही, दारोगा घायल हो गए। दारोगा की पिस्टल भीड़ छीन ले गई। जब पुलिस ही इतनी असुरक्षित है तो जनता को सुरक्षा कहां से मिलेगी। भाजपा ने ऐसा कुछ भी नहीं किया है जो जनता को राहत दे।
सपा अध्यक्ष ने कहा कि समाजवादी सरकार ने 108, 102 एंबुलेंस सेवाओं को शुरू किया था। मरीजों के लिए ये बहुत उपयोगी सेवाएं हैं। तत्काल घटना स्थल पर पहुंचकर अपराध नियंत्रण के लिए समाजवादी सरकार ने यूपी डायल 100 नंबर सेवा शुरू की थी। भाजपा सरकार ने अपनी एक भी जनहित की योजना जमीन पर नहीं उतारी है। समाजवादी सरकार में लखनऊ में निर्मित कैंसर अस्पताल को भाजपा साढ़े तीन वर्ष में भी चालू नहीं कर सकी।