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अब भाजपा को सताने लगी अटल की याद!

Sun, 23 Nov 2014 02:20 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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पिछले कुछ महीने से अटल बिहारी वाजपेयी को नेपथ्य में धकेल रही भाजपा को अब उनकी याद सताने लगी है। सूबे में दो करोड़ लोगों को पार्टी से जोड़ने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य हासिल करने के लिए पार्टी एक बार फिर अटल की शरण में पहुंच गई है।
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पार्टी के लोग सूबे में 13 नवंबर को पार्टी के डिजिटल सदस्यता अभियान की औपचारिक शुरुआत के दौरान मंच पर बैकड्रॉप में भले ही अटल का नाम और चेहरा लगाना भूल गए हों, लेकिन अब उन्हें अटल की जरूरत महसूस होने लगी है।

पार्टी ने तय किया है कि अटल के जन्मदिन 25 दिसंबर पर प्रत्येक मतदान केंद्र तक सदस्यता अभियान चलाया जाएगा। लोगों से अटल बिहारी वाजपेयी का हवाला देकर उनके काम और सपनों को पूरा करने के लिए भाजपा से जुड़ने का आह्वान किया जाएगा।
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रणनीतिकारों ने चलाया दिमाग!

25 दिसंबर के बाद भी कार्यकर्ता गांव-गांव व घर-घर जाकर लोगों से अटल की पार्टी से जुड़ने की अपील करेंगे। इस दौरान ‘अटल के सपनों का भारत’ विषय पर संगोष्ठियों के साथ ही अन्य कार्यक्रम भी होंगे।

पार्टी को अटल की याद आने की वजह भी है। भाजपा के रणनीतिकार जानते हैं कि सूबे में दो करोड़ लोगों को पार्टी का सदस्य बनाना हंसी-खेल नहीं है।

इसके लिए उन्हें जी-तोड़ मेहनत करनी होगी। इन दो करोड़ सदस्यों में 50 लाख लोगों को बहियों के जरिये यानी घर-घर जाकर सदस्य बनाना है।

यह काम भी बहुत आसान नहीं है। इसीलिए पार्टी के रणनीतिकारों ने अटल के नाम का सहारा लेने का फैसला किया है। उन्हें पता है कि भले ही स्वास्थ्य कारणों से वाजपेयी सक्रिय राजनीति में न हों लेकिन उत्तर प्रदेश के लोगों में उनका महत्वपूर्ण स्थान और सम्मान है। लोगों का लगाव भी उनसे है। इसलिए उनके नाम के सहारे लोगों को जोड़ना आसान होगा।
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