निकाय चुनाव को लेकर भले ही अभी सीटों के आरक्षण को अंतिम रूप देने की कवायद चल रही हो लेकिन भाजपा में उम्मीदवार चयन की सरगर्मियां तेज हो गई हैं।
चुनाव संचालन समितियों के गठन के लिए पहले ही जिलों को निर्देश दिए जा चुके हैं। अब प्रदेश नेतृत्व ने जिलों और क्षेत्रों को उम्मीदवारों तथा दावेदारों के नामों का पैनल बनाने का काम शुरू करने को कह दिया है।
यह काम स्थानीय स्तर पर होगा। साथ ही अलग-अलग निकायों के प्रभारी बनाए गए पार्टी नेता भी इस काम को कर रहे हैं। हालांकि पैनल को अंतिम रूप इस काम के लिए बनाई गई समितियां ही देंगी।
इनमें जिला प्रभारियों के अलावा प्रत्येक जिले में स्थित निकायों के भी अलग-अलग प्रभारी शामिल होंगे।
आरक्षण की स्थिति साफ न होने से जिला प्रभारियों को सुझाव दिया गया है कि वे फिलहाल संभावित आरक्षण को आधार बनाकर दो-तीन विकल्प रखते हुए दावेदारों की सूची बनाएं।
यह भी ध्यान रखें कि आरक्षण की परिस्थिति में कौन ज्यादा मजबूती से चुनाव लड़ सकेगा।
इस बीच, मथुरा, आगरा, बरेली, मुरादाबाद व झांसी सहित पूर्व में इलाहाबाद व वाराणसी जैसे स्थानों से कुछ नगर निगमों व नगर पालिका परिषदों के महापौरों व अध्यक्ष पद के दावेदारों के नाम प्रदेश मुख्यालय को भेजे गए हैं।
कुछ नगर निगमों के पार्षदों के दावेदारों के नाम भी भेजे गए हैं। हालांकि प्रदेश नेतृत्व ने इन सभी को फिलहाल संबंधित जिलों को ही वापस भेज दिया है। यह कहा है कि दिवाली बाद स्थानीय स्तर पर बने फोरम में दावेदारों के सूची पर बातचीत करके नामों की छंटनी शुरू कर दी जाए ताकि उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया शुरू करने में आसानी रहे।