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Lucknow News: भाजपा पार्षद ने लगाया पार्टी पर उपेक्षा का गंभीर आरोप

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नगर निगम।
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लखनऊ। भाजपा पार्षद रामनरेश रावत ने फिर पार्टी में खुलकर बगावत कर दी है। इस बार एससी-एसटी वर्ग के लोगों की उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाया है। चेतावनी दी है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को नुकसान उठाना पड़ सकता है। पूर्व में महापौर सुषमा खर्कवाल के साथ भी उनकी नगर निगम सदन में तनातनी हो चुकी है। उस समय भी जाति का मुद्दा उठाया था।
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सरोजनीनगर द्वितीय वार्ड से भाजपा पार्षद रामनरेश रावत ने बुधवार बयान जारी कर कहा कि भाजपा भले ही एससी-एसटी की चिंता की बात करे, लेकिन नगर निगम सदन के अंदर अब तक किसी एससी-एसटी पार्षद को कार्यकारिणी उपाध्यक्ष या भाजपा पार्षद दल के उपनेता जैसे बड़े पद की जिम्मेदारी नहीं दी गई है। जब भी पार्षद दल के उपनेता का चयन होता है तो सामान्य और ओबीसी वर्ग के पार्षद को ही मौका मिलता है। एससी-एसटी पार्षदों को कोषाध्यक्ष या सचेतक जैसे पद देकर लॉलीपाॅप थमा दिया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एससी-एसटी केवल रैलियों में कुर्सियां भरने और जिंदाबाद के नारे लगाने के लिए हैं।
टिकट देने से नहीं मिलता सम्मान

पार्षद ने कहा कि सिर्फ टिकट दे देने से सामाजिक अधिकार और सम्मान नहीं मिल जाता। एससी-एसटी पार्षदों को सदन के अंदर भी बराबरी का हक, सम्मान और न्याय देना भाजपा महानगर और प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी है। एससी-एसटी को सम्मान न देने की इस तरह की गंदी मानसिकता से कब भाजपा के जिम्मेदार लोग बाहर निकलेंगे।
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पार्टी नहीं छोड़ेंगे, मगर सवाल उठाएंगे
पार्षद रामनरेश रावत ने कहा कि वह पार्टी नहीं छोड़ रहे हैं, मगर अव्यवस्थाओं पर सवाल उठाते रहेंगे। कहा कि सम्मान सबको दिया जाना चाहिए। किसी जाति को सिर्फ नारे लगवाने और भीड़ जुटाने के लिए ही इस्तेमाल किया जाना गलत है। उसे उसकी लगन और निष्ठा का फल मिलना चाहिए। पिछली बार उन्हें कोषाध्यक्ष बनाया गया था, मगर उपनेता नहीं। इस बार फिर दावेदारी की, मगर नहीं बनाया गया।
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