भारतीय जनता पार्टी ने सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव से आजम की तुनक मिजाजी पर नियंत्रण लगाने की मांग की है।
पार्टी प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने मंगलवार को यहां कहा कि अखिलेश सरकार गुंडागर्दी पर उतारू है।
आजम जैसे मंत्री ऐसा व्यवहार कर रहे हैं, जैसे उत्तर प्रदेश में लोकतंत्र नहीं बल्कि राजशाही हो।
रामपुर में दो किसानों ने मो. आजम खां से सवाल क्या पूछ लिया कि साहब ने उन्हें गिरफ्तार करा दिया। मानों अंग्रेजों का शासन हो और किसानों ने उनकी शान में कोई गुस्ताखी कर दी हो।
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पाठक ने आरोप लगाया कि सरकार में बैठे लोग सच को देखना, समझना या सुनना नहीं चाहते हैं। रामपुर की घटना इसका प्रमाण है।
साथ ही यह भी पता चलता है कि पुलिस किस तरह फर्जी मुकदमों में लोगों को फंसाती है। किसानों ने पूछा था मंत्री से सवाल। पर, दोनों की गिरफ्तारी शांति भंग की आशंका के आरोप में की गई।
पुलिस में मामला दिखाया कि दोनों किसान आपस में झगड़ा कर रहे थे। जब मंत्री इस तरह का काम कराएगा तो पुलिस का मनोबल झूठे मुकदमे लिखने के लिए बढ़ेगा ही।
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भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि रामपुर में इस तरह की यह पहली घटना नहीं है। इसके पहले भी फेसबुक पर टिप्पणी के लिए साहित्यकार रामकंवल भारती को जेल जाना पड़ा।
इन तुनक मिजाज मंत्री के गुस्से का शिकार एक कोच अटेन्डेंट भी हो चुका है। खुद मंत्री का स्टॉफ तंग होकर इनके साथ काम करने से मना कर चुका है।
बावजूद इसके सरकार आजम खां को मंत्रिमंडल में रखे है। सपा मुखिया मुलायम सिंह को आजम के इस तरह के रवैये पर रोक लगानी चाहिए।
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