वाराणसी में मोदी के पांच कार्यक्रमों को लेकर जिला प्रशासन से हुई रार के बाद भाजपा नेताओं का धरना आखिरकार खत्म हो गया है।
इसके पहले, भाजपा नेताओं अरुण जेटली और अमित शाह ने चुनाव आयोग पर जमकर निशाना साधा। वाराणसी में धरना प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बात करते हुए दोनों वरिष्ठ नेताओं ने आयोग के खिलाफ गुस्सा जाहिर किया।
जेटली ने कहा कि जब कश्मीर में रैली हो सकती हैं, नक्सल प्रभावित जगहों पर रैली हो सकती हैं तो वाराणसी में क्यों नहीं?
शाह ने कहा कि प्रशासन राज्य सरकार के इशारों पर काम कर रहा है, हम 50,000 कार्यकर्ताओं के साथ शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे हैं।
बीजेपी कार्यकर्ताओं ने की बदतमीजी
वाराणसी में विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने टीएमसी उम्मीदवार इंदिरा तिवारी के साथ बदसुलूकी की।
पूरे वाराणसी से बीजेपी कार्यकर्ता लंका चौक पर जमा हुए हैं और चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
'चुनाव आयोग ने नहीं निभाई अपनी जिम्मेदारी'
मोदी ने आजमगढ़ की रैली में कहा कि चुनाव आयोग ने अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाई। मोदी ने चुनाव आयोग पर पक्षपात करने का आरोप भी लगाया।इसके बाद उन्होंने अपने अंदाज में सपा, बसपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन लोगों का एकमात्र उद्देश्य मोदी को रोकना है।
नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैंने आपको 24 अप्रैल को चेतावनी दी थी लेकिन उस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि लोगों को अब ऐसा लग रहा है कि चुनाव आयोग अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले तीन चरण के चुनाव में आयोग निष्पक्ष चुनाव करने में नाकाम रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पक्षपात करने का आरोप लगाया।
वाराणसी के लंका चौक पर दिया धरना
प्रदर्शनकारी बीजेपी कार्यकर्ता चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और वाराणसी के डीएम को हटाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन से पहले जेटली और शाह ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए।
जेटली ने कहा कि आजाद भारत में ये पहली बार है कि पीएम पद के प्रत्याशी को उसके चुनाव क्षेत्र में रैली करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।