भाजपा ने विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी को 2017 में जिन सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था, उन सीटों पर भी जीत के लिए रणनीति बनाई गई है। पार्टी ने प्रभारी नियुक्त किए हैं, जो इसी महीने से इन विधानसभा क्षेत्रों में जाकर चुनावी बिसात बिछाएंगे।
2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और उसके सहयोगी दलों को 403 में से 325 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। भाजपा को 312, अपना दल को नौ और सुभासपा को चार सीटें मिली थीं। उसके बाद हुए उपचुनाव में भाजपा को कुछ जगह सीट गंवानी भी पड़ी। पार्टी ने ऐसे करीब 85 विधानसभा क्षेत्रों को चिह्नित किया है जहां 2017 के आम चुनाव और उसके बाद हुए उपचुनाव में भाजपा के उम्मीदवार हारे थे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इनमें पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर की पार्टी सुभासपा के कब्जे वाली चार सीटों को भी शामिल किया गया है।
भाजपा ने 2022 के चुनाव में इन सीटों पर जीत हासिल करने की रणनीति तैयार की है। पहले चरण में वहां पार्टी के सांसदों, विधायकों या निगम एवं बोर्ड के अध्यक्षों सहित प्रमुख पदाधिकारियों को प्रभारी नियुक्त किया गया है। वे जिलों में प्रवास कर वहां मंडल, सेक्टर और बूथ की बैठकें कर मतदाताओं और कार्यकर्ताओं से संवाद करेंगे। 2017 में जो कमियां रहीं, उन्हें दूर करने के लिए अभी से प्रयास शुरू किया जाएगा। प्रभारी वहां के स्थानीय व जातीय समीकरण के साथ समस्याओं पर भी पार्टी के प्रदेश नेतृत्व को फीडबैक देंगे। इसके आधार पर पार्टी संबंधित विधानसभा क्षेत्र में कार्यक्रम शुरू करेगी।
हर विधानसभा क्षेत्र में पांच हजार मतदाता बढ़ाएंगे
भाजपा 5 से 20 दिसंबर तक प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान शुरू करेगी। 2022 चुनाव के मद्देनजर पार्टी के कार्यकर्ता हर विधानसभा क्षेत्र में कम से कम पांच हजार नए मतदाताओं के नाम सूची में शामिल कराएंगे।