चुनाव प्रचार के दौरान सपा नेता और कार्यकर्ता प्रशासन में पिछड़े वर्गों, दलितों और अल्पसंख्यकों के साथ कथित भेदभाव को उजागर करते रहे। वहीं, भाजपा संगठित हिंदुओं के मुद्दे को धार देती रही। विधानसभा क्षेत्र के विकास की बात करती रही। ऐसे में नकारात्मक विचारों को नकार मिल्कीपुर ने भाजपा के साथ नई राह चुनी।
किलेबंदी का कमाल
मिल्कीपुर में भाजपा के साथ संघ ने भी मोर्चा संभाला। मजबूत किलेबंदी के साथ हर बूथ पर संघ पदाधिकारी डटे रहे। इनका काम मतदान के दिन दिखा। घर-घर पहुंच भाजपा के कोर वोटरों को मतदान केंद्र पर भेजने में जुटे रहे। इसके साथ ही भाजपा संगठन के पदाधिकारी भी लगे रहे। क्षेत्रीय अध्यक्ष के साथ पूर्व क्षेत्रीय अध्यक्षों की पूरी फौज डटी रही। बूथ कमेटी वन टेन, पन्ना प्रमुख, शक्ति केंद्र, मंडल के साथ ही जिला कमेटियों को भी लगाया गया। मोबाइल, सोशल मीडिया व बाइकर्स टीम भी मतदान के दिन जुटी रही।