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गंगा मैय्या के लिए एक हुई भाजपा और सपा

Sun, 21 Dec 2014 12:16 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि राज्य सरकार गंगा और उसकी सहायक नदियों को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने के लिए केंद्र का पूरा सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री ने शनिवार को केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती से भेंट के दौरान यह भरोसा दिया।
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गंगा एवं अन्य नदियों की सफाई तथा सिंचाई परियोजनाओं को लेकर सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव के साथ बैठक के बाद उमा भारती मुख्यमंत्री से मिलने उनके सरकारी आवास पहुंचीं। मुख्यमंत्री ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया।

इस मौके पर गंगा सफाई के साथ-साथ सिंचाई परियोजनाओं के संबंध में विमर्श किया गया। सीएम ने केंद्रीय मंत्री को गंगा एवं अन्य नदियों की सफाई के लिए चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। बैठक में सहमति बनी कि कानपुर, मथुरा और वृंदावन में नालों को डायवर्ट किया जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि इनका पानी शोधन के बाद ही नदी तक पहुंचे।
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गंगा नदी के किनारे स्थित गढ़ मुक्तेश्वर, कन्नौज, कानपुर, इलाहाबाद तथा वाराणसी आदि की रिवर फ्रंट विकास परियोजनाएं भारत सरकार को भेजने की बात भी तय हुई।

उमा बोलीं यूपी और केन्द्र एकमत हैं

सीएम ने कहा कि गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी सहायक नदियों पर भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने काली नदी की सफाई के लिए भी केंद्र से सहयोग की अपेक्षा की।

बातचीत के दौरान सीएम तथा केंद्रीय मंत्री ने यह भी तय किया कि जिन मुद्दों पर चर्चा हुई है उनके संबंध में आवश्यक कार्यवाही के लिए प्रदेश के मुख्य सचिव तथा केंद्रीय जल संसाधन सचिव के बीच अलग से बैठक की जाएगी।

केंद्रीय जल संसाधन मंत्री उमा भारती ने कहा है कि गंगा और विकास के मुद्दे पर यूपी व केंद्र एकमत हैं। हम दोनों के ही विचार एक हैं। इन मसलों पर राजनीति कभी आड़े नहीं आएगी। गंगा सफाई व सिंचाई के लिए केंद्र सरकार यूपी की हर संभव मदद करेगा।

बुंदेलखंड के लिए जो भी प्रोजेक्ट यूपी बनाएगा केंद्र उसमें अपना पूरा सहयोग करेगा। ये बातें उन्होंने शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रदेश के सिंचाई एवं लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल सिंह यादव के साथ हुई बैठक में कहीं। इस बैठक में केंद्र व प्रदेश सरकार के सिंचाई विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए।
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सिंचाई के लिए इस्तेमाल होगा गंदा पानी

बैठक में तय हुआ कि कानपुर में गंगा को साफ रखने के लिए नालों का पानी अब गंगा में नहीं छोड़ा जाएगा। इसी तरह की व्यवस्था इलाहाबाद, कन्नौज, फर्रुखाबाद वाराणसी व मिर्जापुर में की जाएगी। यहां गंदे नालों के माध्यम से गंगा में मिलने वाले शोधित व गैर शोधित जल को गंगा में नहीं गिरने दिया जाएगा।

सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव ने बताया कि इसमें खासबात यह है कि यहां पर गंदा पानी ट्रीटमेंट के बाद भी नदी में छोड़ने के बजाय सिंचाई के प्रयोग में लाया जाएगा। इससे गंगा में भी पानी की कमी नहीं होगी। क्योंकि सिंचाई के लिए पानी नदी से नहीं लिया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि गंगा सफाई के मुद्दे पर पहले वह आंदोलन करती थीं। लेकिन अब सरकार में हैं तो उसे करने का वक्त आ गया है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड क्षेत्र में सिंचाई की क्षमता बढ़ाने के लिए केंद्र पूरा सहयोग करेगा।

गंगा को स्वच्छ रखने के लिए यूपी से प्रोजेक्ट बनाकर भेजने के लिए कहा गया है। प्रोजेक्ट मिलते ही इन्हें जल्द स्वीकार कर काम शुरू कराए जाएंगे। उमा भारती ने कहा कि गंगा बाढ़ नियंत्रण आयोग का दफ्तर अब लखनऊ में भी खुलेगा। अभी इस आयोग का मुख्यालय पटना में है। मंत्री ने कहा कि यूपी व केंद्र सरकार के बीच इस पर सहमति बन गई है। यूपी दफ्तर की जगह उपलब्ध कराएगा।
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