भाजपा और सपा ने सोमवार को एक दूसरे पर शब्द वाणों से करारा हमला किया। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सांसदों के धरने से घबराकर अपनी सरकार की नाकामी का ठीकरा केंद्र पर फोड़ना चाहते हैं।
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इस पर पलटवार करते हुए लोकनिर्माण मंत्री शिवपाल यादव ने कहा कि केंद्र सरकार प्रदेश की योजनाओं के साथ भेदभाव कर रही है। बेहतर होता कि प्रदेश के हित में भाजपा सांसद संसद के बाहर धरना देते। उन्होंने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पर उपचुनावों में हार के बाद बौखलाकर दुष्प्रचार करने का आरोप लगाया।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी नाकामियों का ठीकरा केंद्र सरकार पर फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। कानून व्यवस्था न सुधरी और विकास कार्यों पर भाजपा विधायकों व सांसदों से भेदभाव जारी रहा तो सपा सरकार के खिलाफ राष्ट्रपति को चार्जशीट सौंपी जाएगी।
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भाजपा मुख्यालय पर मीडियाकर्मियों से बातचीत में डॉ. वाजपेयी ने उन सभी मुद्दों पर अपनी राय रखी जो मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में उठाए हैं। कहा, सीएम नेशनल हाईवे की मरम्मत का मुद्दा उठा रहे हैं पर राज्य राजमार्गों के हालात पर मौन क्यों हैं। कम ट्रैफिक वाले 3500 किमी एनएच की मरम्मत के लिए पहले 30 करोड़ और बाद में 150 करोड़ रुपये दिए गए।
चार हजार किमी लंबे राष्ट्रीय राजमार्गों की मरम्मत पर 200 करोड़ रुपये केंद्र सरकार खर्च कर चुकी है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश की सड़कों के निर्माण/चौड़ीकरण के लिए 17 हजार करोड़ रुपये तुरंत आवंटित कर दिए थे। 31 दिसंबर 2015 तक राज्य में 50 हजार करोड़ रुपये से सड़कों का निर्माण शुरू हो जाएगा। कहा कि प्रदेश में केंद्रीय योजनाओं में भी भाजपा विधायकों और सांसदों के प्रस्तावों पर काम नहीं हो रहा है। अब ऐसा नहीं चलेगा। विकास के मुद्दे पर भेदभाव और कानून व्यवस्था को लेकर भाजपा राष्ट्रपति को आरोप पत्र देगी।
बिजली खरीद में कमीशनखोरी का लगाया आरोप
डॉ. वाजपेयी ने कहा, केंद्र सरकार के समक्ष यूपी से एक भी यूनिट बिजली की अतिरिक्त मांग को लेकर कोई पत्र लंबित नहीं है। रिलायंस और बजाज से महंगी बिजली खरीदकर प्रदेश के अधिकारी और नेता कमीशनखोरी में जुटे हैं। राज्य में विद्युत इकाइयों के पास 25 से 29 दिनों का कोयले का स्टाक है। केंद्र ने यूपी को झारखंड में 524 मिलियन मीट्रिक टन कोयले की खदान आवंटित की है।
गन्ना भुगतान दिलाने में नाकाम उन्होंने कहा, हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद अखिलेश सरकार ने किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान के लिए कोई प्रबंध नहीं किया जबकि मोदी सरकार ने 6 हजार करोड़ रुपये ब्याज मुक्त ऋण चीनी मिलों को दिया ताकि गन्ना किसानों के बकाये का भुगतान हो सके।
सहजनवां में निषादों पर किसने गोली चलवाई 17 अति पिछड़ी जातियों को अनुसूचित जाति में शामिल करने की सीएम की मांग पर वाजपेयी ने कहा, वह बताएं कि बसपा और सपा सरकारों ने केंद्र को इसके लिए प्रस्ताव कब भेजे। सपा- बसपा केंद्र में यूपीए सरकार में सहयोगी रहे लेकिन इस मांग को मंजूर करने के लिए कभी दबाव नहीं बनाया। उन्होंने पूछा, सहजनवां (गोरखपुर) में निषादों पर गोली किसने चलवाई? निषाद समुदाय के बेगुनाह लोग अब भी जेलों में किसके आदेश पर बंद हैं?
बेहतर होता कि संसद भवन पर नाटक करती भाजपा
सपा के मुख्य प्रवक्ता और लोकनिर्माण एवं सिंचाई मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि भाजपा सांसदों को विधानभवन के बजाय संसद के बाहर धरने का नाटक करना चाहिए था। प्रदेश सरकार तो लगातार विकास के काम कर रही है लेकिन केंद्र सरकार अपने हिस्से का धन नहीं दे रही।
सपा मुख्यालय में मीडिया से मुखातिब शिवपाल ने कहा, प्रदेश में सपा सरकार बनने के बाद प्रति व्यक्ति आय बढ़ी है, पूंजी निवेश बढ़ा है, पर्यटकों की संख्या में 17 फीसदी से ज्यादा वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने मेट्रो रेल, आगरा एक्सप्रेव- वे जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू किए हैं। केंद्र सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों, प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव और नीति आयोग से संपर्क किया लेकिन हल नहीं निकला। प्रदेश में भाजपा के 73 सांसद हैं, उन्हें प्रदेश के विकास की मांग उठाते हुए दिल्ली में संसद भवन के बाहर धरना देना चाहिए। कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बौखलाए हुए हैं, उपचुनावों के नतीजों के बाद उन्हें प्रदेश में अपनी स्थिति का अनुमान हो गया है। इसलिए दुष्प्रचार में लगे हैं।
भाजपा शासित राज्यों से बेहतर है कानून व्यवस्था शिवपाल ने कहा कि यूपी की कानून व्यवस्था देश के 26 राज्यों से बेहतर है। भाजपा शासित मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों की तुलना में अपराध के मामलों में यूपी बहुत पीछे है। केंद्रीय गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा, यूपी में देश की कुल आबादी के 16.99 फीसदी लोग रहते हैं लेकिन देश के कुल अपराधों के मात्र 8.2 फीसदी यूपी में होते हैं। मध्य प्रदेश में 9.3 फीसदी अपराध होते हैं। उन्होंने तमाम आंकड़े देते हुए यूपी की कानून व्यवस्था को बेहतर साबित किया।
शिवपाल ने कहा कि मई 2015 में ओलावृष्टि और अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की मदद के लिए केंद्र सरकार को 7543 करोड़ रुपये का ज्ञापन भेजा। प्रदेश सरकार 84 लाख किसानों को 3447 करोड़ रुपये बांट चुकी है लेकिन केंद्र से कोई धन नहीं मिला। इसी तरह पिछले साल आई बाढ़ के दौरान 3210 करोड़ की मांग के सापेक्ष कोई पैसा नहीं मिला। पिछले साल ओलावृष्टि से फसलों के नुकसान के लिए 3650 करोड़ की मांग की गई लेकिन मिले केवल 32 करोड़।
सिंचाई व सड़क के लिए भी धन नहीं उन्होंने कहा, प्रदेश की सिंचाई व सड़क परियोजनाओं के लिए भी केंद्र ने धन नहीं दिया। राज्य सरकार ने राज्यमार्गों, और जिला मार्गों को गड्ढा मुक्त कर दिया है। अधिकतर जिले फोर लेन से जुड़ गए हैं लेकिन राष्ट्रीय राजमार्गों का बुरा हाल है। जिन नेशनल हाईवे पर हम टोल टैक्स देकर चलते हैं, उनकी मरम्मत के लिए 650 करोड़ रुपये में से केवल 217 करोड़ मिले। राजमार्गों के नवीनीकरण के लिए 250 में 126 करोड़ मिले। एनएच की सामान्य मरम्मत के लिए 70 करोड़ की मांग के सापेक्ष मात्र 3.27 करोड़ रुपये ही मिले। कुल मिलाकर 970 करोड़ में से केवल 347 करोड़ ही मिले हैं।
सद्भाव बिगाड़ना है मुख्य एजेंडा सिंचाई मंत्री ने कहा कि भाजपा का मुख्य एजेंडा प्रदेश का सामाजिक सद्भाव बिगाड़ना है। इसके लिए भाजपा तीन साल से काम कर रही है। जनता समझ चुकी है कि भाजपा के लोग झूठे हैं। वे अफवाह फैलाकर सत्ता में आना चाहते हैं। बाराबंकी की घटना का उल्लेख करने पर कहा कि जांच में जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई होगी।