भाजपा ने निकाय चुनाव के जरिये लोकसभा चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। निकाय चुनाव से पहले पार्टी ने मंडल समितियों को सशक्त करने के साथ सोशल मीडिया के माध्यम से बूथ तक पहुंचने की रणनीति बनाई है।
प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने बूथ से लेकर मंडल स्तर तक टीम सक्रिय रखने की योजना बनाई है। भाजपा के सभी 1918 मंडल में 16 पदाधिकारियों सहित 61 सदस्यीय कार्यसमिति सशक्त की जाएगी। सामाजिक समीकरणों के लिहाज से समिति में क्षेत्र की सभी प्रमुख जातियों के प्रतिनिधि शामिल किए जाएंगे। कार्यसमिति के सदस्यों के बूथ और सेक्टर स्तर पर प्रवास कराए जाएंगे।
प्रमुख जातियों, लाभार्थियों, युवा, महिला, अनुसूचित जाति, किसान, अल्पसंख्यक सम्मेलन कर कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जाएगा। पार्टी की गतिविधियों और मोदी-योगी सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने के लिए बूथ के प्रत्येक मतदाता को वाट्सएप ग्रुप से जोड़ा जाएगा। एक बूथ पर तीन से चार वाट्सएप ग्रुप बनाए जाएंगे।
प्रत्येक जिले में कम होंगे बूथ
विधानसभा चुनाव 2022 की तुलना में लोकसभा चुनाव 2024 में करीब दस हजार बूथ कम होंगे। तब कोविड प्रोटोकॉल को देखते हुए हर बूथ पर मतदाताओं की संख्या 1400 से घटाकर 1000-1200 तक की गई थी। वहीं, लोकसभा चुनाव में कोविड की बाध्यता नहीं रहेगी। इसलिए हर बूथ पर 1400-1500 मतदाता जोड़े जाएंगे। लिहाजा प्रदेश भर में करीब दस हजार बूथ कम होने का अनुमान है। इसलिए पार्टी बूथ समितियों का पुनर्गठन करेगी।