सपा के प्रदेश प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि बसपा में उल्टी धारा बहती है। बसपा अध्यक्ष हर साल अपनी कथित कामयाबियों की कहानी अपने मुंह से सुनाती हैं।
इस मौके पर बाकायदा एक किताब छपवा लेती हैं। उसमें उनकी वह संघर्ष कथा होती है जो कभी होती ही नहीं।
अपने राजनीतिक जीवन में संघर्ष से कभी उनका वास्ता नहीं रहा। सत्ता सुख के अलावा वे कुछ और नहीं जानतीं।
वे अपनी किताब की भी बिक्री करने से नहीं चूकती हैं। चौधरी ने कहा, बसपा कार्यकर्ताओं और नेताओं के लिए माया का जन्म दिन वस्तुत: यातना का दिन होता है।
हर एक को अपने सामर्थ्य से ज्यादा कुछ न कुछ भेंट करने की मजबूरी होती है।
चंदे की वसूली में उनके विधायक ने तो एक इंजीनियर की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी।
उन्होंने कहा, मायावती ने फिर पुराने घिसे-पिटे आरोप लगाए हैं।