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UP News: विमानों के आड़े आ रहे पशु-पक्षी दे रहे हादसों को दावत; 2023 में बनाई गई थी कमेटी, नहीं हुई कार्रवाई

Fri, 15 May 2026 09:57 PM IST
Bhupendra Singh अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ में विमानों के आड़े आ रहे पशु-पक्षी हादसों को दावत दे रहे हैं। प्रशासन ने 2023 में कमेटी बनाई थी। लेकिन, अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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विमान (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : Adobestock
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विस्तार
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राजधानी लखनऊ में चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (अमौसी) पर पशु-पक्षियों के कारण विमानों का संचालन लगातार बाधित हो रहा है। हाल ही में लखनऊ से रायपुर जाने वाली उड़ान के दौरान रनवे पर बंदर के आ जाने से पायलट को इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े थे। इस घटना से न केवल यात्रियों की सांसें अटक गईं, बल्कि विमान ने देरी से उड़ान भरी।

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हैरानी की बात यह है कि विमानों की सुरक्षा के लिए वर्ष 2023 में जिला प्रशासन ने उच्चस्तरीय कमेटी गठित बनाई थी। कमेटी का मुख्य कार्य एयरपोर्ट के आसपास से मांस की दुकानों को हटवाना था, ताकि पक्षियों का जमावड़ा कम हो सके। शुरुआत में कुछ कार्रवाई हुई, लेकिन वर्तमान में कमेटी सुस्त नजर आ रही है और मांस की दुकानें फिर से फल-फूल रही हैं।

एयरपोर्ट पर केवल पक्षी ही नहीं, बल्कि बंदरों और कुत्तों का बढ़ता दखल भी मुसीबत बन गया है। कुछ समय पूर्व रनवे पर कुत्ते के आ जाने से भी विमानों की आवाजाही प्रभावित हुई थी। चूंकि एयरपोर्ट का प्रबंधन अब निजी हाथों (अडानी ग्रुप) में है, ऐसे में तकनीकी और आर्थिक नुकसान का बोझ भी बढ़ रहा है।

पर्यावास का संकट

पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, बंदरों के रिहायशी इलाकों और एयरपोर्ट तक पहुंचने की मुख्य वजह जंगलों का कम होना और खानपान का संकट है। लखनऊ और आसपास के जिलों में बंदरों के प्राकृतिक पर्यावास खत्म हो रहे हैं, जिसके कारण वे शहरों की ओर रुख कर रहे हैं।

रनवे की बढ़ी निगरानी

एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, रनवे की निगरानी कड़ी कर दी गई है। विशेष रूप से शाम के वक्त। ताकि किसी भी संभावित बाधा को समय रहते हटाया जा सके और यात्रियों की जान जोखिम में न पड़े।

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