परिवहन निगम का मामला
माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) मुख्यालय में बृहस्पतिवार से बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी। देरी से आने वाले कर्मचारियों, अधिकारियों का वेतन काटा जाएगा। हालांकि, उच्चस्तरीय अधिकारी बायोमेट्रिक उपस्थिति के दायरे से बाहर रहेंगे। इसमें प्रबंध निदेशक, अपर प्रबंध निदेशक, वित्त नियंत्रक और लीगल एडवाइजर शामिल हैं।
परिवहन निगम मुख्यालय पर तैनात कर्मचारियों की ऐसी शिकायतें मिल रही थी कि वह मनमानी ड्यूटी करते हैं। देरी से आते हैं और शाम को जल्दी चले जाते हैं। इसके बाद प्रबंध निदेशक मासूम अली सरवर ने बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दिया है। 10 जुलाई से मुख्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों को बायोमेट्रिक अटेंडेंस लगानी होगी। दफ्तर आने का समय सुबह 9:30 बजे और शाम छह बजे जाने का है।
मुख्यालय में प्रधान प्रबंधक, क्षेत्रीय प्रबंधक और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक स्तर के अधिकारियों को मिलाकर करीब दो दर्जन अफसर हैं और सौ से अधिक कर्मचारी तैनात हैं। बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होने से पहले नौ जुलाई को कर्मचारियों के बीच इसे लेकर सुगबुगाहटें होती रहीं। कई कर्मचारियों का कहना है कि देर रात तक काम करने के लिए रुकना पड़ता है तो क्या उसके लिए ओवरटाइम दिया जाएगा।
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परिवहन निगम मुख्यालय में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बृहस्पतिवार से बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य होगी। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- मासूम अली सरवर, प्रबंध निदेशक