लखनऊ। राजधानी के आलमबाग चंदर नगर स्थित 50 बेड संयुक्त चिकित्सालय परिसर में इस्तेमाल की गई सिरिंज, रक्त नमूनों के वायल, दस्ताने और अन्य जैव चिकित्सा कचरा खुले में बिखरा मिला। बुधवार को इसका वीडियो वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन और बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की व्यवस्था सवालों के घेरे में है।
अस्पताल में स्त्री रोग, बाल रोग, ईएनटी, मेडिसिन, नेत्र रोग और सर्जरी समेत कई विभाग संचालित हैं। यहां रोजाना एक हजार से अधिक मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं, जबकि 20 से 25 मरीज भर्ती रहते हैं। ऐसे में खुले में पड़ा जैव चिकित्सा कचरा संक्रमण का खतरा बढ़ा सकता है।
मच्छरों के लार्वा भी मिले
परिसर में सामान्य कचरा भी कई दिनों से पड़ा था। कचरे के आसपास मक्खियां भिनभिना रही थीं। खुले डस्टबिन में बारिश का पानी जमा था, जिसमें मच्छरों के लार्वा भी नजर आए।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एके दीक्षित ने बताया कि सामान्य कचरा बंदर बिखेर देते हैं। बायोमेडिकल वेस्ट का उठान सप्ताह में एक बार होता है। उन्होंने कहा कि कचरा रखने के लिए अलग कमरे बने हैं। फिर भी लापरवाही मिली तो जांच कर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।