रिसीवर/कमिश्नर की ओर से ट्रस्ट को दिए गए कब्जा दस्तावेज में कहा गया है कि अयोध्या में कतिपय क्षेत्र अर्जन अधिनियम 1993 द्वारा श्रीरामजन्मभूमि/बाबरी मस्जिद परिसर अयोध्या का अधिग्रहण करने के उपरांत भारत सरकार के पत्र संख्या-71013/26/92-अयोध्या दिनांक-8-1-1993 द्वारा आयुक्त फैजाबाद मंडल ( अब अयोध्या) को अधिगृहीत क्षेत्र का रिसीवर नामित किया गया था। तत्पश्चात अधिग्रहीत क्षेत्र अयोध्या को कब्जे में लेकर इन्वेंट्री तैयार कराई गई थी।
चढ़ावे में धातुएं जिस रूप में प्राप्त हुई हैं, उसी रूप में राजकीय कोषागार अयोध्या में संरक्षित हैं। रिसीवर की ओर से कहा गया है कि आदेश के अनुपालन में गृह मंत्रालय भारत सरकार नई दिल्ली द्वारा नवगठित ट्रस्ट श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अयोध्या के पक्ष में अयोध्या वाद से संबंधित अपीलों में सर्वोच्च न्यायालय के नौ नवंबर के आदेश के अनुपालन में विवादित स्थल के अंदर व बाहर के हिस्सों के साथ-साथ अयोध्या एक्ट द्वारा अधिगृहीत भूमि/भवन व श्रीरामलला विराजमान को दर्शनार्थियों द्वारा समर्पित धनराशि व मूल्यवान वस्तुओं का कब्जा हस्तांतरण बिमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ट्रस्टी को कर दी गई।
-अचल संपत्ति-अधिगृहीत क्षेत्र अयोध्या को कब्जे में लेकर तैयार इन्वेंट्री
-बचत खाता-भारतीय स्टेट बैंक शाखा अयोध्या खाता संख्या-10294091088 में जमा 28110264.83 ( दो करोड़ इक्यासी लाख दस हजार दो सौ चौसठ रूपए तिरासी पैसे)
- सावधि जमा- भारतीय स्टेट बैंक शाखा अयोध्या - कुऱ्ल 87 फिक्स डिपॉजिट 87554058( आठ करोड़ पचहत्तर लाख चौवन हजार अट्ठावन रूपए)
- धातुएं-राजकीय कोषागार अयोध्या में रखी गई सोना 230.42 ग्राम, चांदी-50 19.98ग्राम व अन्य 1531.52 ग्राम
राजा अयोध्या विमिलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र ने कहा कि रिसीवर ने ट्रस्ट को समस्त संपत्तियां हस्तांतरित कर दी है। अब भव्य राममंदिर निर्माण अतिशीघ्र शुरू करेगा। ट्रस्ट पूरी तरह स्वायत्तशासी है। इसकी समस्त गतिविधियां पारदर्शी होंगी। कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने कहा कि बतौर रिसीवर उन्होंने अधिगृहित क्षेत्र समेत रामलला की समस्त चल-अचल संपत्तियां श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी विमिलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र को विधिवत बुधवार शाम को सौंप दी है।