कानपुर के बिकरू कांड के आरोपी विकास दुबे के फरार भाई दीपक दुबे उर्फ दीपू की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी हो रही है। बिकरू कांड के बाद से दीपू अपने कृष्णानगर की इंद्रलोक कॉलोनी स्थित घर से भागा हुआ है। उसके खिलाफ कृष्णानगर कोतवाली में रंगदारी, धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज है। कोर्ट ने 16 जुलाई को गैर जमानती वारंट जारी किया था। दीपू न कोर्ट में हाजिर हो रहा है न पुलिस के सामने पेश हो रहा है। पुलिस ने दीपू के घर पर कुर्की का नोटिस चस्पा करा दिया है।
मालूम हो कानपुर के बिकरू कांड में तीन जुलाई की रात को शातिर अपराधी विकास दुबे ने गिरोह के साथ मिलकर डिप्टी एसपी सहित आठ पुलिसकर्मियों को गोलियों से भून डाला था। वारदात में आठ पुलिसकर्मी घायल भी हुए थे। कुछ दिन बाद पुलिस ने दस जुलाई की सुबह विकास दुबे को मुठभेड़ में मार गिराया था।
इसी के चलते पुलिस मुठभेड़ में मारे गए गैंगस्टर विकास दुबे व उसके करीबियों के आर्थिक साम्राज्य की तह तक पहुंचने की कोशिश कर रही प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने बुधवार को विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे व उसके दोनों बेटों से करीब सात घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान किसी अन्य को वहां उपस्थित नहीं रहने दिया गया।
ईडी ने विकास दुबे के साबुन व्यापारी से क्या रिश्ते थे? कौन-कौन राजनेता उसके संपर्क में था? कारोबार में कौन-कौन साझेदार था? जैसे सवाल पूछे। ईडी ने ऋचा को बुधवार को चल अचल संपत्ति के दस्तावेजों के साथ निदेशालय में हाजिर होने के लिए नोटिस भेजा था। नोटिस पर ऋचा अपने बेटों आकाश, शांतनु और वकील के साथ दिन में करीब सवा 11 बजे निदेशालय पहुंची। निदेशालय के अधिकारियों ने बताया कि सभी से सामान्य पूछताछ की गई।