बहुचर्चित बाईक बोट घोटाले की जांच का दायरा बढ़ गया है। सीबीआई की जांच में आरोपियों के यहां मिली संपत्तियों के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) अब इस मामले में नए सिरे से घोटाले से जुड़े आरोपियों के बारे में ब्योरा जुटा रहा है। ईडी इससे पहले केवल नोएडा में दर्ज मामलों की ही जांच कर रहा था, लेकिन अब नोएडा के अलावा यूपी के 10 अन्य शहरों व दूसरे प्रदेशों में दर्ज मामलों की छानबीन भी करेगा। हालांकि यह जांच सीबीआई की संस्तुति के बाद शुरू होगी।
दरअसल अब तक की जांच में 1093 वाहनों को जब्त किया गया हैं। जिसमें मर्सिडिज, जगुआर, ऑडी और फॉरच्यूर जैसे करीब 50 लग्जरी वाहन भी मिले हैं। इसके अलावा करोड़ों रुपये की बेनामी संपत्तियों के बारे में भी पता चला है। वहीं सीबीआई को जांच सौंपे जाने के बाद इस मामले में और संपत्तियों का खुलासा हो सकता है। उधर प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस मामले में घोटाले के आरोपियों के बारे में जानकारी जुटाना शुरू कर दिया गया है। हालांकि ईडी विधिवत जांच सीबीआई की संस्तुति केबाद ही शुरू करेगा।
बता दें कि बाईक बोट घोटाले से जुड़े जालसाजों के तार यूपी समेत कई राज्यों से जुड़े हैं। इसलिए घोटालेबाजों के खिलाफ नई दिल्ली, जालंधर, करनाल, जयपुर उत्तराखंड, मध्य प्रदेश और तेलांगना के अलावा यूपी में मुकदमा दर्ज कराया गया है। इसमें अकेले सिर्फ यूपी में ही 118 मुकदमे दर्ज हैं। जिन जिलों में मुकदमे दर्ज हैं उनमे से अकेले गौतमबुद्धनगर में ही 96 मामले दर्ज हैं। जबकि लखनऊ में एक, बुलंदशहर में 6, गाजियाबाद में 6, मेरठ में 2, हापुड़, बिजनौर, बागपत, आगरा, मुजफ्फरनगर में 1-1 मुकदमें दर्ज हैं। ईडी अब तक सिर्फ नोएडा में दर्ज मुकदमों की ही जांच कर रही थी। लेकिन इस मामले में जिस तरह से घोटाले से अर्जित संपत्तियों का पता चल रहा है, उससे देखते हुए ईडी अपनी जांच का दायरा बढ़ाने जा रही है। सूत्रों में बताया कि ईडी अब यूपी के सभी जिलों में दर्ज मुकदमों के आधार पर भी जल्द जांच शुरू करेगा।