प्रदेश सरकार यातायात नियमों का पाल कराने को सख्त रवैया अपना रही है। जनसंख्या और आर्थिक विकास में वृद्धि के कारण वाहनों की संख्या में अत्यधिक बढ़ोतरी की वजह से दुर्घटनाओं में वृद्धि होने और अपार जनधन की क्षति हो रही है।
इसपर अंकुश लगाने के लिए परिवहन विभाग ने शुल्क वृद्धि के लिए सरकार के पास प्रस्ताव भेजा था। कैबिनेट ने मंगलवार को इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मोटरयान अधिनियम-1988 में राज्य सरकार को दण्डनीय अपराधों के प्रशमन के लिए शुल्क निर्धारित करने का अधिकार है।
इस अधिनियम के लागू होने के बाद जुर्माने की राशि में पर्याप्त वृद्धि न होने के कारण यातायात अपराधों में अपेक्षित कमी नहीं हो सकी। शुल्क वृद्धि के प्रस्ताव में वाहन चालकों व मालिकों के साथ साथ डीलर व विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी दायरे में लाया गया है।
परिवहन आयुक्त धीरज साहू ने बताया कि गत वर्ष मोटर यान एक्ट में जो संशोधन किया गया था शमन शुल्कों में वृद्धि उसी क्रम में की गई है।