कमेटी की बैठक में तय हुआ कि भगवान श्रीराम की प्रतिमा लगाने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में एक ट्रस्ट का गठन किया जाएगा। इसमें ट्रस्ट का नाम और उनके ट्रस्टी भी तय किए जाएंगे। वहीं, राजकीय निर्माण निगम की ओर से डिजाइन कंसलटेंट के चयन के लिए पूर्व में की गई कार्यवाही को निरस्त कर नए सिरे से ईओआई व टीओआर जारी करने का निर्णय किया गया।
गुजरात सरकार से लेंगे तकनीकी सहयोग
प्रतिमा की स्थापना में गुजरात सरकार के साथ मार्गदर्शन एवं तकनीकी सहायता के लिए एमओयू किया साइन किया जाएगा। परिकल्पना, संरचना, बिडिंग कार्यवाही और निर्माण कार्य आदि के लिए राजकीय निर्माण निगम की एक अलग इकाई की स्थापना की जाएगी।
सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि न्यूयार्क में स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी की ऊंचाई 93 मीटर, मुंबई में निर्माणाधीन डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा 137.2 मीटर, गुजरात में सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा 183 मीटर, चीन में गौतम बुद्ध की प्रतिमा की ऊंचाई 208 मीटर, मुंबई में निर्माणाधीन छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रतिमा की ऊंचाई 212 मीटर है।
अब अयोध्या में मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की प्रतिमा की ऊंचाई 251 मीटर प्रस्तावित है। ये विश्व की सबसे ऊंची और भव्य प्रतिमा होगी।