12 सूत्री मांगों को लेकर केंद्रीय श्रम संगठनों ने बुधवार को हड़ताल पर रहने का ऐलान किया है। इस हड़ताल में इंटक, एटक, एचएमएस, सीआईटीयू, एआईयूटीयूसी सहित सभी केंद्रीय श्रम संगठन हिस्सा ले रहे हैं। वहीं, उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ ने भी इस हड़ताल में शामिल होने का निर्णय किया है।
वहीं, देर रात करीब एक बजे तक 80 फीसदी बसें हड़ताल पर चली गईं। केसरबाग और चारबाग में ड्राइवर व कंडक्टरों ने बसों का चक्का जाम कर दिया। कैसरबाग बस अड्डे पर पुलिस ने नेताओं को खदेड़ा तो ड्राइवर बसें छोड़कर चले गए।
केंद्रीय श्रम संगठन न्यूनतम वेतन को 15 हजार रुपये करने की मांग कर रहे हैं। साथ ही स्थायी व 12 महीने चलने वाले कामों के लिए ठेका प्रथा बंद करने, बोनस व पीएफ की अदायगी पर से सभी बाध्यताएं खत्म करने, ग्रेच्युटी को बढ़ाए जाने की मांग कर रहे हैं। पुरानी पेंशन सुविधा बहाल करने की भी मांग हो रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह व महामंत्री बजरंगबली यादव ने बताया कि उनका संगठन भी बुधवार की हड़ताल में शामिल हो रहा है।
इस दौरान सभाएं व प्रदर्शन होगा। उन्होंने बताया कि सिंचाई, सहकारिता, स्वास्थ्य महानिदेशालय, पशुपालन, परिवार कल्याण, मत्स्य, ग्राम विकास, लघु सिंचाई, सूचना एवं जन सम्पर्क, शिक्षा निदेशालय, आबकारी, निबंधन, ग्रामीण अभियंत्रण व जवाहर भवन-इंदिरा भवन के गेट पर सभाएं आयोजित की जाएंगी। वहीं, कर्मचारी शिक्षक समन्वय समिति ने भी दो सितंबर की इस हड़ताल में शामिल होने का निर्णय लिया है।